Sunday, July 26, 2026

14वीं JPSC परीक्षा गड़बड़ी को लेकर बाबूलाल मरांडी का दावा, मुख्यमंत्री यदि पाक-साफ तो CBI जांच से आपत्ति क्यों

रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी जांच के बहाने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीआईडी जांच सच को सामने लाने के लिए नहीं बल्कि सच का सबूत मिटाने के लिए किया जा रहा है। अगर मुख्यमंत्री मामले में पूरी तरह पाक-साफ हैं तो उन्हें सीबीआई जांच से आपत्ति क्यों है ? इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए। यह सुनियोजित घोटाला है, जो युवाओं का भविष्य चौपट कर रहा है। बाबूलाल मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

इसे भी पढ़ें : ‘कारगिल विजय दिवस’ सेना के अदम्य साहस, पराक्रम, अटूट राष्ट्रनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का अमर प्रतीक : संतोष गंगवार

जांच के नाम पर आईवाश

प्रेस कांफ्रेंस में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मामले में त्वरित कार्रवाई केवल लीपापोती के सिवाय कुछ नहीं है। राज्य के नौजवानों के साथ अन्याय किया गया, यह बहुत बड़ा क्राइम है। सीआईडी जांच छात्रों को न्याय दिलाने के लिए नहीं बल्कि छात्रों के साथ अन्याय करने वाले माफियाओं को बचाने के लिए की जा रही है। क्योंकि सत्ता में बैठे लोग भली-भांति जानते हैं कि जिस दिन इस मामले की निष्पक्ष जांच हो जाएगी, सारे चेहरे बेनकाब हो जाएंगे और इसके लपेटे में पर्दे के पीछे छिपे तमाम लोग गिरफ्त में होंगे। इसलिए इस जांच के नाम पर आईवाश किया जा रहा है।

CID का ट्रैक रिकार्ड सही नहीं

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शराब घोटाले से लेकर जेएसएससी सीजीएल सहित अन्य मामलों में सीआईडी जांच के ट्रैक रिकॉर्ड ऐसा रहा है कि सीआईडी कभी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती, यह चार्जशीट तक दाखिल तक नहीं कर पाती। शराब घोटाले में कागजों का जिस प्रकार हेरफेर किया गया, इस मामले में भी पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते के यहां छापामारी व अन्य सारी कार्रवाई, सब इसी की कवायद भर है। सीआईडी वाले सारे प्रूफ को समाप्त करने के लिए छापा मार रहे हैं।

प्राथमिकी स्पष्ट नहीं

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी घोटाला मामले में एफआईआर किसके बयान पर किया गया, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है। एफआईआर अभी तक पब्लिक डोमेन में नहीं होने और एफआईआर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड नहीं किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जानबूझकर एफआईआर को कमजोर किया जा रहा है ताकि दोषियों को इसका लाभ मिल सके। जहां इतनी बड़ी गड़बड़ी हो रही है, इस प्रकार की चूक सुनियोजित है। उन्होंने कहा कि सीआईडी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करें। उन्होंने सीआईडी के अपर महानिदेशक मनोज कौशिक की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया।

कर्नाटक के छात्र ने बताई थी गड़बड़ी

बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि कर्नाटक के एक छात्र ने जनवरी में ही JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को पत्र लिखकर OMR शीट में गड़बड़ी और TDPL के कर्मचारी अभय तिवारी की कारस्तानी के संबंध में बतलाया था। इसके पूर्व भी रेंज अफसर की परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी उन्हें थी। दोनों मामलों में उन्होंने कुछ भी कार्रवाई नहीं की। केवल इस्तीफा देकर ये कैसे मुक्त हो सकते हैं ? सरकार को एल. ख्यांग्ते के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

अफसर बनने के लिए 40 लाख

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में एक अफसर बनने के लिए 40 लाख रुपए घूस ली जाती है। उनके पास जो जानकारी है उसके अनुसार पीटी परीक्षा पास कराने के लिए 5 लाख, मेन्स परीक्षा के लिए 25 लाख रुपये और साक्षात्कार पास कराने के लिए 10 लाख रुपये यानि कुल 40 लाख वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने सभी जगह पर ऐसे ही भ्रष्ट अफसरों की तैनाती कर रखी है। जेएसएससी में सुधीर गुप्ता ऐसे ही भ्रष्ट हैं। उन्होंने पूर्व मुख्य परीक्षा नियंत्रक विशाल कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए।

सीबीआई को सौंपे मामले की जांच

उन्होंने कहा कि इस्तीफा से कुछ नहीं होता है। जिस प्रकार जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष से अभी इस्तीफा दिलवाया गया, इसी प्रकार पूर्व में नीरज सिन्हा का भी इस्तीफा लिया गया था, इसका कोई फलाफल निकला क्या ? पूर्व में भी जेएसएससी सीजीएल में गड़बड़ी की जांच सीआईडी से ही कराया गया था, उसका क्या फलाफल निकला ? इसलिए बिना विलंब किए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूरे मामले की जांच सीबीआई को सुपुर्द करें। ताकि बच्चों का भविष्य अंधकारमय नहीं हो। और जो भी दोषी हों, उन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर