Sunday, July 26, 2026

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी के जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे दीपंकर भट्टाचार्य, अन्ना हजारे ने ये कहा

नई दिल्ली : सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य जंतर-मंतर पहुंचे. उन्होंने आंदोलन की जीत पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा के साथ ही दानिश, अंजलि और आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों को बधाई दी. सीपीआई(एमएल) के छात्र संगठन आइसा ने प्रेस रिलीज़ जारी कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को छात्र आंदोलन की जीत बताया.

इसे भी पढ़ें: जंतर मंतर खाली करने के पहले पुलिस कमिश्नर से मिले सीजेपी के नेता, कहा- ‘लोकतंत्र की वापसी की शुरुआत’

आइसा ने कहा, ऐतिहासिक जीत 

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने इस ऐतिहासिक जीत के लिए देश के युवाओं को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ़ किसी एक मंत्री के इस्तीफ़े तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के लोकतांत्रीकरण की लड़ाई है. नेहा ने कहा, “हमारी मांग है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को ख़त्म किया जाए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लिया जाए, क्योंकि यह शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देती है.” उन्होंने कहा, “यह जीत जनता की है और हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.”

अन्ना हज़ारे ने कहा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के ख़त्म करने फैसले पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण आंदोलन और लोकतांत्रिक संवाद के ज़रिए ही हो सकता है. उन्होंने दावा किया कि उनके आंदोलनों के बाद 10 कानून बने. उन्होंने कहा, “अगर जनता के हित के लिए सरकार को आगे बढ़कर कदम उठाने पड़ें, तो इसमें कोई बुराई नहीं है. लेकिन सार्वजनिक हित सर्वोपरि होना चाहिए.”

अहिल्यानगर में पत्रकारों से बात करते हुए अन्ना हज़ारे ने अपने आंदोलनों का ज़िक्र करते हुए कहा, “स्थायी बदलाव टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत से आता है.” उन्होंने कहा, “किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद से निकलता है. बातचीत से ही रास्ता निकलता है. तनाव पैदा करने या ग़लत रास्ते पर चलने से कोई हल नहीं निकलता. संवाद सबसे अहम है. मैंने 22 बार भूख हड़ताल की, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया. समाज के हित में जो सही हो, वही किया जाना चाहिए.”

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर