Sunday, July 26, 2026

रांची में छात्रों के सत्याग्रह धरना को जेएलकेएम का मिला साथ, ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से आयोजित JSSC व JPSC परीक्षाओं को रद्द करने की मांग

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम प्रकाशित होने के साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। परीक्षा के संचालन ब्लैकलिस्टेड एजेंसी की संलिप्तता के आरोपों के बीच जांच का दायरा अब जेएसएससी तक पहुंच चुका है। अब तक परीक्षा एजेंसी तथा आयोग से जुड़े कुल आठ लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। जांच एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण व विवादित तथ्यों का हाथ लगा हैं। जिससे छात्रों एवं अभिभावकों में नाराजगी है।

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इसी क्रम में छात्रों ने “जेएसएससी-जेपीएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाअभियान” के तहत मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना शुरू कर दिया है। आज शनिवार को पुलिस-प्रशासन द्वारा धरनास्थल खाली कराने का प्रयास किया गया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अडिग रहे।

प्रशासनिक दबाव का सूचना मिलने पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो धरनास्थल पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने घंटों तक धरने में शामिल होकर मांग को जायज ठहराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा छात्रों के हित में साफ नहीं है, पूर्व में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की एसआईटी जांच पर भी कई सवाल उठ रहे हैं अब के सीआईडी जांच से उस एसआईटी जांच का लीपा पोती का स्पष्ट उजागर हो रहा है। ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से आयोजित रेगुलर जेपीएससी, बैकलॉग जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल व अन्य विवादित भर्ती परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराई जाए।

धरना का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रतिनिधि राम अवतार महतो ने राज्य के सभी छात्रों को आह्वान करते हुए परीक्षा रद्द करने तक आंदोलन जारी की बात कही। आज के धरना कार्यक्रम में निशांत यादव, दीनबंधु मंडल, दीपक मिंज, अर्चना कुमारी, सतनारायण शुक्ला, उदय मेहता, राहुल कुमार एवं राम प्रवेश सहित अनेक छात्र-छात्राएं व अभिभावक उपस्थित रहे

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एयर नाऊ स्पेशल

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