Saturday, July 25, 2026

Gen Z भविष्य है, और भविष्य तकनीक का है – तो फिर पेपर लीक क्यों : डॉ. इरफान अंसारी

रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने दिल्ली के जंतर मंतर समेत पूरे देश में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट लिखा है. इस पोस्ट में मंत्री इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए छात्रों के आंदोलन को लेकर उनसे कई अपील की है साथ ही कई मांगें भी की है ताकि इस आंदोलन का सार्थक परिणाम निकल सके.

इसे भी पढ़ें : मंत्री इरफान अंसारी का सोशल मीडिया पोस्ट पर छात्रों ने खोला मोर्चा, कहा – “यहां भी JPSC- JSSC पेपर लीक, तब चुप क्यों?”

Gen Z भविष्य है और भविष्य तकनीक का

मंत्री इरफान अंसारी ने अपने पोस्ट में लिखा, “देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी का सोशल मीडिया पोस्ट देख रहा हूं। ऐसे समय में, जब देश के लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, मेरा विनम्र आग्रह है कि प्रचारात्मक संदेशों से पहले उनकी पीड़ा, उनकी चिंता और उनके आक्रोश को सुनिए। Gen Z भविष्य है और भविष्य तकनीक का है, तो देश की परीक्षा प्रणाली को ऐसी आधुनिक, सुरक्षित और अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाए कि भविष्य में पेपर लीक की संभावना हमेशा के लिए समाप्त हो जाए।”

विश्वास बहाल करने के लिए जवाबदेही

आगे उन्होंने लिखा, “मेरा मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए जवाबदेही तय होना आवश्यक है। शिक्षा मंत्रालय को देश के सामने स्पष्ट, पारदर्शी और समयबद्ध रोडमैप प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।

कुछ सीधे सवाल हैं

  1. सरकार ने पेपर लीक पर *10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का कानून बनाया है। लेकिन सवाल यह है कि यदि सरकार का लक्ष्य पेपर लीक को पूरी तरह रोकना है, तो ऐसी तकनीकी व्यवस्था कब लागू होगी जिससे पेपर लीक होना ही असंभव हो जाए? देश के छात्र-छात्राएं हमारे भविष्य हैं। उन्हें कठोर कानून का नहीं, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था का विश्वास चाहिए।

2. केवल सज़ा बढ़ाना समाधान नहीं है। ज़रूरत ऐसी आधुनिक, सुरक्षित और एयर-गैप्ड तकनीक की है, जो परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाए।

3. नीट सहित कई परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं का विश्वास तोड़ा है। इसकी निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।

4. युवाओं से टकराइए मत। उनके भविष्य और सपनों के साथ खिलवाड़ मत कीजिए।

5. यह आंदोलन किसी जाति, धर्म या वर्ग का नहीं है। यह देश के करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य की लड़ाई है।

6. जब वर्षों की मेहनत एक पेपर लीक से बर्बाद हो जाती है, तब केवल एक छात्र नहीं, पूरा परिवार टूट जाता है। मां-बाप के आंसू और युवाओं की निराशा किसी भी सरकार के लिए गंभीर चेतावनी हैं।

7. प्रधानमंत्री जी, देश के छात्रों और उनके अभिभावकों से यह भरोसा दिलाइए कि भविष्य में ऐसी तकनीकी व्यवस्था लागू होगी, जिससे किसी भी परीक्षा का पेपर कभी लीक नहीं होगा।

8. औलाद की पीड़ा क्या होती है, यह हर मां-बाप जानते हैं। उनके सपनों की रक्षा करना सरकार का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है।

9. छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध का उत्तर बल प्रयोग नहीं, बल्कि संवाद, पारदर्शिता और न्याय होना चाहिए।

न्यायपूर्ण संघर्ष में उनके साथ खड़े

अंत में उन्होंने लिखा, “राहुल गांधी लगातार युवाओं की आवाज़ उठा रहे हैं और हम भी देश के हर छात्र के न्यायपूर्ण संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं। मैं भी दिल्ली आ रहा हूं। देश के युवाओं की आवाज़ बुलंद करने, उनके संघर्ष में शामिल होने और उनके भविष्य की सुरक्षा की मांग को और मजबूत करने। याद रखिए युवा न रुकेंगे, न झुकेंगे, जब तक उनके भविष्य की सुरक्षा की ठोस गारंटी नहीं मिलती।”
spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर