रांची : राजधानी रांची के पॉश अशोक नगर में बीते दिनों हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी जांच के दम पर रांची पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय चोर गिरोह का खुलासा किया है, जो लग्जरी जगुआर कार से रेकी कर हाई-प्रोफाइल मकानों को निशाना बनाता था। पुलिस ने 17.36 लाख रुपये नकद, चोरी के सोने के आभूषण व चोरी में प्रयुक्त जगुआर कार बरामद की है। गिरोह के दो फरार आरोपियों की पत्नियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
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9 जुलाई को हुई घटना
9 जुलाई 2026 को अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर निवासी निशित केसरी और अखिलेश पांडेय के घरों में चोरी की बड़ी घटना हुई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए अरगोड़ा थाना कांड संख्या-172/26 दर्ज किया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा वरीय पुलिस उपाधीक्षक हटिया के नेतृत्व में विशेष एसआईटी गठित की गई।
सीसीटीवी और डिजिटल जांच से खुला पूरा खेल
एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की गतिविधियों के महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद कोलकाता समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर चोरी में प्रयुक्त जगुआर कार बरामद की गई। साथ ही चोरी की रकम और सोने के गहनों की भी बरामदगी हुई।
तीन अपराधियों की पहचान
जांच में गिरोह के तीन कुख्यात सदस्यों की पहचान इरफान उर्फ उजाले उर्फ बाबा उर्फ आर्यन, अफरोज उर्फ समीर उर्फ समीम और नवीन शर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने इरफान और अफरोज के घरों पर छापेमारी कर उनकी पत्नियों गुलशन प्रवीण और शकीला उर्फ लाडली के कब्जे से चोरी के गहने और नकदी बरामद की तथा दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के मुख्य आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
80 से अधिक मामले
अनुसंधान में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना इरफान उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, केरल, बिहार और पंजाब सहित कई राज्यों में चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है। कानपुर, आगरा, दिल्ली, गाजियाबाद, सूरत, हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु, सीतामढ़ी और जालंधर समेत कई शहरों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार विभिन्न राज्यों में उसके विरुद्ध करीब 80 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था।


