नई दिल्ली : बुधवार को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया। सुरक्षा बलों द्वारा छात्रों और सांसदों के साथ कथित बदसलूकी के विरोध में कई नेता काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। इन विरोध प्रदर्शनों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी के सांसद शामिल हुए। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी काले कपड़े पहने और संसद के गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.
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दो बजे तक के लिए सदन स्थगित
इधर सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को पहले 12 बजे तक और फिर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई. इससे पहले किरेन रिजिजू ने कहा है कि नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार हैं. चर्चा किस नियम के तहत हो इस पर भी बात होगी. वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के हंगामे पर कहा कि सरकार चर्चा को तैयार है. इसके बाद भी हंगामा होता रहा, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
विपक्षी सांसदों ने कहा
अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा कि ये युवाओं का मुद्दा है. छात्रों की सुनी नहीं जा रही. छात्रों से साथ गलत हुआ. हम मजबूरी में पीएम आवास तक गए. वहीं कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पहले इस्तीफा देना होगा उसके बाद चर्चा होगी. छात्रों पर लाठीचार्ज की चर्चा होगी. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा.
इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव सहित कई सांसद पीएम आवास के पास धरने पर बैठ गए, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ और उन्हें वहां से हटाया गया. इसके बाद राहुल गांधी ने पांच मांगें रखीं, जिसमें प्रमुख मांग थी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और इस मामले पर सदन में गृहमंत्री का बयान. राहुल ने साथ ही कहा कि हम छात्रों के मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं.
इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी बयान दिया कि सरकार नीट पर चर्चा के लिए तैयार है. सरकार समाधान के लिए प्रतिबद्ध है. लेकिन उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा कि वो छात्रों का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहे हैं. पीएम मोदी ने भी मंगलवार को एनडीए मंगल मिलन कार्यक्रम में पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी.


