Wednesday, July 22, 2026

Kitchen Utensils: ये 5 बर्तन दिखें घिसे-फूटे तो तुरंत बदल दें, सेहत को हो सकता है नुकसान

लाइफस्टाइल डेस्क: हम रसोई के बर्तनों पर ध्यान तभी देते हैं जब वो टूट जाएं या बिल्कुल काम के न रहें। लेकिन सिर्फ टूटना ही बर्तन बदलने की वजह नहीं है। लंबे समय तक इस्तेमाल से कई बर्तनों की सतह घिस जाती है, उनमें दरार आ जाती है या उनकी क्वालिटी खराब हो जाती है। ऐसे बर्तनों में खाना बनाना या रखना सेहत के लिए ठीक नहीं होता।

आइए जानते हैं रसोई के कौन से बर्तनों को समय रहते बदल देना चाहिए।

1. एल्युमिनियम के बर्तन

एल्युमिनियम के बर्तन हल्के और सस्ते होते हैं इसलिए ज्यादातर घरों में मिल जाते हैं। लेकिन अगर ये बहुत ज्यादा घिस जाएं, पतले हो जाएं या अंदर से काले पड़ जाएं तो इन्हें तुरंत बदल दें। खासकर खट्टी चीजें बार-बार पकाने से इनकी परत जल्दी खराब होती है।

2. प्लास्टिक के डिब्बे और बोतलें

खाने का सामान रखने के लिए प्लास्टिक कंटेनर सबसे ज्यादा यूज होते हैं। लेकिन अगर इनमें खरोंच आ जाए, रंग पीला पड़ जाए या अजीब सी स्मेल आने लगे तो नए ले आएं। पुराने और टूटे-फूटे प्लास्टिक में खाना स्टोर करना सही नहीं माना जाता।

3. तांबे और पीतल के बर्तन

तांबे-पीतल के बर्तन सालों चलते हैं, लेकिन शर्त ये है कि इनकी अंदर वाली कलई सही हो। अगर कलई उतर जाए या अंदर हरे-काले धब्बे दिखें तो पहले दोबारा कलई करवाएं, फिर ही इस्तेमाल करें।

4. मेलामाइन की प्लेटें और कटोरी

मेलामाइन की प्लेट-बाउल देखने में सुंदर और हल्के होते हैं। लेकिन इनमें क्रैक, दरार या गहरे स्क्रैच आ जाएं तो इन्हें बदल देना बेहतर है।

5. लकड़ी के चम्मच और चॉपिंग बोर्ड

समय के साथ लकड़ी के सामान में कट लग जाते हैं और वो नमी सोखने लगते हैं। इससे इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। अगर चम्मच या बोर्ड पर गहरे कट, दरार या टूट-फूट दिखे तो नया ले आना ही सही रहेगा।

क्या करें?

रसोई के बर्तनों की हर 3-4 महीने में एक बार चेकिंग कर लें। अगर किसी बर्तन में ज्यादा घिसावट, टूट-फूट या खराबी दिखे तो उसे तुरंत रिप्लेस कर दें। इससे न सिर्फ खाना हेल्दी बनेगा बल्कि आपकी किचन भी साफ-सुथरी रहेगी।

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