पलामू : जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में कथित रहस्यमयी बीमारी से एक परिवार के छठे सदस्य एवं घर की महिला मुखिया लाखो देवी की भी मौत हो गई। रांची रिम्स में उसका इलाज चल रहा था। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने इस बारे में बताया ” मामला काफी गंभीर है, बचे सदस्य को बचाने की पूरी कोशिश जिला कर रही है, जो जीवित सदस्य हैं, उनके इलाज हो रहे हैं.”
Highlights:
उन्होंने बताया कि “मौत जहरीले पौधे के सरसों में मिलने से हुई, जिसकी जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन ने दी है, मामला काफी दुःखद है, पारिवारिक सदस्यों को रोजगार और अन्य सामाजिक पेंशन, योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।” इसी क्रम में मंगलवार रात उसने दम तोड़ दिया। रिम्स में लाखो का बेटा एवं इस परिवार का सातवां सदस्य सुनील कुमार मेहता अभी भी इलाजरत है।
इसे भी पढ़ें : रांची में जमीन कारोबारी से कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर मांगी गई एक करोड़ की रंगदारी, मामला दर्ज
आर्जीमोन मिला सरसों तेल का इस्तेमाल
मिली जानकारी के अनुसार अब इस परिवार में दो बेटे और एक पोता रह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी की मौत ड्रॉप्सी बीमारी से हुई है। स्वास्थ्य विभाग इसी बीमारी का इलाज कर पीड़ितों को ठीक करने का प्रयास कर रहा था। हालांकि मृतकों के बिसरा की रिपोर्ट आनी बाकी है। आर्जीमोन मिला सरसों तेल का इस्तेमाल करने के कारण ड्रॉप्सी बीमारी हुई है। यहां बता दें कि 2011 के बाद भारत में ड्रॉप्सी का यह पहला मामला निकलकर सामने आया है।
19 जून को हुई थी पहली मौत
सिक्का गांव में इस रहस्यमय बीमारी से परिवार के मुखिया कुलदीप महतो की सबसे पहले 19 जून को मौत हुई थी। 20 जून को उनकी बेटी बबिता कुमारी की मौत हुई थी। 26 जून को बेटी इंदु कुमारी की मौत हुई थी। तीनों शव का पोस्टमार्टम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में हुआ था, जबकि कुलदीप मेहता की बहु स्वेता का 28 जून और बेटा नकुल मेहता की रांची रिम्स में मौत हुई थी।
7 जुलाई की रात पत्नी लाखो देवी की मौत हो गई। सभी के शरीर में सूजन था और बाद में उनकी मौत हुई। फिलहाल एक बेटे सुनील कुमार का इलाज चल रहा है। एक बेटे अनुज कुमार के मजदूरी के सिलसिले में घर से बाहर रहने के कारण वह पूरी तरह स्वस्थ है। कुलदीप का पोता और सुनील का पुत्र नानी घर रहने के कारण वह भी ठीक है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया
पाटन के चिकित्सा पदाधिकारी श्रवण कुमार ने बुधवार सुबह 10 बजे बताया कि लाखो देवी की मौत की सूचना मिली है। रिम्स में उसकी मौत हुई है। पूरे गांव के हालात पर स्वास्थ्य विभाग नजर रखे बनाए हुए है। इस गांव में सर्वे भी किया गया है, लेकिन इस परिवार के अलावा कोई दूसरा पीड़ित नहीं मिला है। हालांकि गांव में एक बार फिर से सर्वे किया जाएगा।
आर्जीमोन एक कांटेदार खर-पतवार
बताते चले कि आर्जीमोन एक कांटेदार खर-पतवार है जो पलामू के इलाके में बड़े पैमाने पर पाया जाता है। इसे स्थानीय भाषा में कटैला और पीला धतूरा भी कहा जाता है। सरसों तेल की खेती के दौरान फसल काटकर खेत में रखने पर आर्जीमोन के दाने मिक्स हो गए और तेल बनाकर इस्तेमाल किया गया। रांची फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी से आई जांच रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ था। सरसों तेल के अलावा जांच के लिए कई तरह की खाद्य सामग्री भेजी गई थी लेकिन उनमें कुछ नहीं मिला था।


