न्यूज डेस्क : अमेरिकी सेंट्रल कमान (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि उसने ईरान के ख़िलाफ़ सिलसिलेवार हमलों में 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है. सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक पोस्ट में, सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले कॉमर्शियल जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों के जवाब में की गई थी. दूसरी ओर ईरान के उप विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि उनका देश इन हमलों के ख़िलाफ़ ‘निर्णायक कदम’ उठाएगा.
Highlights:
इसे भी पढ़ें: फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: मेसी के करिश्माई खेल से अंतिम 8 में पहुंचा अर्जेंटीना, 72 साल बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचा स्विट्ज़रलैंड
सेंटकॉम का दावा
सेंटकॉम के मुताबिक़,अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट और उसके आसपास ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम,कमान और कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार ठिकानों,एंटी एयरक्राफ़्ट मिसाइल सिस्टम और 60 से अधिक छोटे आईआरजीसी जहाजों को निशाना बनाया. अपने बयान में सेंटकॉम ने कहा कि इन अभियानों का मक़सद अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारों से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान की ओर से लगातार हमले करने की क्षमता को कमजोर करना है.
सेंटकॉम के मुताबिक़, ईरान ने हाल ही में होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हमला किया, जिनमें मार्शल द्वीप समूह के झंडे वाला एम/टी अल-रक्कायत, सऊदी अरब के झंडेवाला वाला एम/टी विद्यान और लाइबेरिया के झंडे वाला एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी शामिल हैं.
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला
अमेरिकी हमलों के बाद ईरानी सेना ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बहरीन में शेख ईसा अड्डे पर स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था. बयान के मुताबिक़,यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान में सैन्य और गैर-सैन्य क्षेत्रों पर अमेरिकी हमलों और 14 सूत्रीय एमओयू के उल्लंघन के जवाब में की गई थी.
ईरानी सेना का कहना है कि यह हमला ड्रोन के जरिए किया गया था. ईरानी सेना के बयान में ‘युद्धविराम के उल्लंघन के नतीजो की चेतावनी भी दी गई और कहा गया कि ‘क्षेत्र में सभी अमेरिकी ठिकाने ईरानी ड्रोन के निशाने पर होंगे.’ ईरानी सेना ने ये दावा ऐसे समय में किया है जब बहरीन में एक बार फिर विस्फोटों की खबरें सुनी गई हैं.
बहरीन में मौजूद एएफपी संवाददाता के मुताबिक़, देश के उत्तरी हिस्सों में तेज़ धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं. ईरानी सेना का यह बयान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के उस दावे के कुछ ही समय बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर 85 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है.


