नई दिल्ली: बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व मुजफ्फरपुर जिला स्थित साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को सात साल से अधिक पुराने एक मामले में शनिवार को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट सजा के रूप में अपना फैसला सुनाएगी. हर्ष फायरिंग से जुड़े इस मामले में कोर्ट पिछले महीने 6 जून को ही आईपीसी की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत उन्हें दोषी ठहरा चुकी है.
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नरमी बरतने की अपील
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने शनिवार को सजा का ऐलान करेंगे. इससे पहले शुक्रवार को सजा के बिंदु पर हुई सुनवाई के दौरान विधायक ने कोर्ट से नरमी बरतने की अपील की. राजू कुमार सिंह ने अदालत में कहा, “मैंने जानबूझकर ऐसा कुछ नहीं किया. मेरा परिवार भी डांस फ्लोर पर मौजूद था, जिस महिला की मौत हुई, वह मेरे बड़े भाई के दोस्त की पत्नी डॉ. अर्चना गुप्ता थीं. हम उन्हें भाभी की तरह मानते थे. परिवार के सदस्य की मौत हुई है. मुझे एक महीने जेल में भी रहना पड़ा. मैंने कभी समाज के खिलाफ कोई काम नहीं किया. मेरे अच्छे आचरण को देखते हुए कम से कम सजा दी जाए.”
6 जून को दोषी करार
गौरतलब है कि 6 जून को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सात साल पुराने हर्ष फायरिंग मामले में भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 (भाग-दो) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी ठहराया था. हालांकि, अदालत ने इस मामले में राजू कुमार सिंह की पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सबूतों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया था. कोर्ट ने पाया कि उनके खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं.
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न की पार्टी चल रही थी। आरोप है कि पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में डॉ. अर्चना गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिनकी तीन दिनों बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में राजू सिंह को मुख्य आरोपी बनाया था।




