कोलकाता : पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव नतीजों के 20 दिनों और रविवार को फाल्टा विधानसभा सीट पर आए चुनाव परिणाम के बाद पहली बार पूरी चुनावी प्रक्रिया और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाले बीजेपी सरकार को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट 32 मिनट लंबे वीडियो में सवाल किया है कि क्या राज्य में सचमुच चुनाव कराए गए? उन्होंने कहा कि यहां चुनाव के नाम पर ‘नाटक’ हुआ है.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : डोनाल्ड ट्रंप ने कॉल पर कहा- आई लव पीएम मोदी, वो मेरे दोस्त हैं और भारत अमेरिका पर भरोसा कर सकता है
बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य…
ममता बनर्जी का कहना है कि बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां तार्किक विसंगति नामक नई श्रेणी बनाई गई. इसके तहत जानबूझकर 60 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस चुनाव हारी नहीं है बल्कि उसे हराया गया है. भवानीपुर में भी उनको जबरन हराया गया है.
ममता ने कहा, “हमारे पास पुख़्ता सूचना है कि केंद्रीय चुनाव आयोग के दफ़्तर से डेटा हैक हुआ है. मीडिया ने सुनियोजित तरीक़े से बीजेपी को पहले से ही दो सौ सीटों पर जिता दिया था.” उन्होंने कहा कि वो भवानीपुर सीट पर 13 हजार वोटों से आगे चल रही थीं. लेकिन वहां ‘वोट लूट कर’ उन्हें हरा दिया गया.
फाल्टा के चुनाव नतीजों पर कहा
रविवार को फाल्टा विधानसभा सीट के चुनाव नतीजे के दिन ममता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “आपने भवानीपुर सीट कैसे जीती है, यह मैं अदालत में बताऊंगी. अगर आप में हिम्मत है तो फोरेंसिक जांच कराएं. मुझे ईवीएम की रिपोर्ट चाहिए.”
फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को हुए पुनर्मतदान में बीजेपी ने 109,021 वोटों से यहां जीत हासिल की है. बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने अपने निकटतम उम्मीदवार माकपा के शंभुनाथ कुर्मी को हराया. कांग्रेस तीसरे व टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे। जहांगीर खान ने 21 णई को होने वाले मतदान के ठीक पहले चुनाव से हटने का ऐलान किया था.
पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं पर अत्याचार
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद बीजेपी उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अत्याचार कर रही है. नेताओं और पार्षदों को गिरफ़्तार किया जा रहा है. पार्टी के दो हजार कार्यालयों को लूट लिया गया है.
सारदा से नारदा तक तमाम घोटाले में शामिल
ममता ने शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना कहा, “वो सारदा से नारदा तक तमाम घोटाले में शामिल हैं. वो जिस कुर्सी पर हैं उस पर बैठने के लायक ही नहीं हैं. उनको तो पहले जेल जाना चाहिए था.” ममता ने दावा किया कि ‘नतीजे के बाद 20 दिनों तक वो मुंह बंद कर सब कुछ सहती रही हैं. 12 लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हैं. लोगों से जबरन इस्तीफ़े लिए जा रहे हैं.’
उन्होंने दावा किया कि ‘वोटों की हेराफेरी के कारण क़रीब डेढ़ सौ सीटों पर पासा पलट गया’. ऐसा नहीं होता तो तृणमूल कांग्रेस को 220 से 230 तक सीटें मिली होतीं. पूर्व मुख्यमंत्री ने शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि नई सरकार तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई योजनाओं के नाम बदल कर उनको अपना बता रही है.


