रांचीः राजधानी रांची में अब ट्रैफिक चालान के लिए ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. ट्रैफिक पुलिस की ओर से ई-डिटेक्शन सिस्टम इंस्टॉल करने के लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों का चालान कटने के बाद भी ट्रैफिक पुलिसों को जुर्माने की राशि वसूलने में काफी परेशानी होती है. वहीं 5 सालों में 200 करोड़ का चालान कटा, जिसमें सिर्फ 30-40 करोड़ जमा हुई. फिलहाल 190 करोड़ अब भी बकाया है.
Highlights:
190 करोड़ का चालान बकाया
जानकारी के अनुसार, राजधानी रांची में पिछले 5 वर्षों में बिना हेलमेट, ओवर स्पीड, ट्रिपल राइड, ड्रंक एंड ड्राइव, बिना सीट बेल्ट पहने ड्राइविंग, रेड लाइट जंप और नो पार्किंग एरिया में पार्किंग करने की वजह से साल 2021 से लेकर साल 2026 के अप्रैल महीने तक राजधानी में लगभग सवा 200 करोड़ रुपए का चालान कटा है. जिसमें से अब तक मात्र 30-40 करोड़ रुपये ही चालान की राशि लोगों ने जमा की है, जबकि 190 करोड़ का चालान अब भी बकाया है.
मैनुअल तरीके से पैसे वसूलना मुश्किल
मैनुअल तरीके से इसे वसूलना बेहद मुश्किल है. ऐसे स्थिति से निपटने के लिए अब रांची ट्रैफिक पुलिस ने परिवहन विभाग को ई-डिटेक्शन सिस्टम इंस्टॉल करने के लिए प्रस्ताव भेजा है. परिवहन विभाग में ई-डिटेक्शन सिस्टम को रांची में बहाल करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
देश के कई बड़े शहरों में परिवहन विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के द्वारा विकसित ई-डिटेक्शन सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है, जो पूरी तरह से स्वचालित डिजिटल निगरानी प्रणाली है. इस प्रणाली के तहत बिना किसी पुलिसकर्मी की मौजूदगी में भी सड़क पर चलने वाले वाहनों के दस्तावेजों की जांच हो जाती है.
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रिकॉग्निशन कैमरे कैसे काम करता है
इस प्रणाली को ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे के जरिए संचालित किया जाता है. जैसे ही ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन के सामने से गुजरता है कैमरा नंबर प्लेट कैप्चर कर लेता है. जिसके बाद सामने लगे स्क्रीन पर उसके कागजातों की पूरी तरह से जांच होकर खाका मॉनिटर पर पेश हो जाता है. अगर आपके वाहन का चालान बकाया है, वाहन बीमा फेल है या फिर फिटनेस सर्टिफिकेट फेल है सारी जानकारी स्क्रीन पर आ जाती है.
रांची ट्रैफिक एसपी ने कहा
रांची ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने कहा कि कई बड़े शहरों में स्टार्टअप के जरिए सरकार के साथ टाइअप कर एलईडी स्क्रीन पर वाहन के चालान को पब्लिश किया जाता है. इससे पेंडिंग चालान की पड़ताल आन द स्पॉट हो जाती है. इसे लेकर रांची ट्रैफिक पुलिस के द्वारा भी प्रयास शुरू किया गया है ताकि पेंडिंग चालान की संख्या को कम किया जा सके. ट्रैफिक एसपी के अनुसार सिस्टम इंस्टॉल करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है.


