लखनऊ : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पॉक्सो मामले में अग्रिम ज़मानत दे दी. लाइव लॉ के अनुसार, 27 फ़रवरी को जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने उनके अग्रिम ज़मानत के मामले में आदेश सुरक्षित रखे थे. यह निर्देश दिया था कि अंतिम फ़ैसला आने तक अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य को गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा.
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बार एंड बेंच के मुताबिक़, पिछले महीने विशेष पॉक्सो कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि अविमुक्तेश्वरानंद के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर जांच शुरू की जाए. आरोप था कि उन्होंने कैंप में दो नाबालिग लड़कों का यौन शोषण किया. जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने मामले की सुनवाई करते हुए, “पीड़ितों ने घटना अपने अभिभावक को नहीं बताई और इसे शिकायतकर्ता को बताया, जो उनके लिए अजनबी है. यह सामान्य मानव व्यवहार और आचरण के अनुरूप नहीं माना जा सकता.”
कोर्ट ने केस दर्ज करने में हुई देरी पर भी सवाल उठाया. बेंच ने आगे कहा कि पीड़ित लगातार शिकायतकर्ता के साथ ही रहे और उन्हें 25 फ़रवरी से पहले उनके माता-पिता या अधिकारियों को नहीं सौंपा गया. इससे पहले 27 फ़रवरी को कोर्ट ने अभियुक्त को गिरफ़्तारी से अंतरिम राहत दी थी. आज कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर उनकी गिरफ़्तारी होती है तो उन्हें अग्रिम ज़मानत पर रिहा किया जाएगा.


