रांची : भारतीय रेलवे ने ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत दी हैं। रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग पॉइंट बदलने के नियमों में बदलाव किया है। रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट को यात्रा से 72 घंटे पहले कैंसिल करता है तो उसे लगभग पूरा पैसा वापस मिल जाएगा। इस दौरान केवल एक तय फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज ही काटा जाएगा। जबकि बाकी राशि रिफंड कर दी जाएगी। इससे समय पर टिकट कैंसिल करने वालों को राहत मिलेगी।
Highlights:
इसे भी पढ़ें : जून महीने में होगी JTET की परीक्षा, नई नियमावली को कार्मिक, वित्त और विधि विभाग की मिली स्वीकृति
इसी तरह अगर टिकट 72 घंटे से लेकर 24 घंटे के बीच कैंसिल की जाती है तो रेलवे किराए का 25 प्रतिशत हिस्सा काटेगा और बाकी पैसा लौटाएगा। यह कटौती न्यूनतम कैंसिलेशन चार्ज के नियमों के अनुसार होगी। यानी जैसे-जैसे कैंसिलेशन में देरी होगी, वैसे-वैसे रिफंड कम होता जाएगा।
8 घंटे से कम समय में नो रिफंड
रेलवे के नए नियमों के मुताबिक अब अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट ट्रेन छूटने से आठ घंटे से कम समय पहले कैंसिल करता है तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह सीमा चार घंटे थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर आठ घंटे कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अंतिम समय तक टिकट पकड़कर रखने की आदत पर रोक लगेगी। यात्रियों को अपनी यात्रा का फैसला पहले लेना होगा। इसी क्रम में यात्रियों की सुविधा के लिहाज से रेलवे ने चार्ट तैयार करने के समय को चार घंटे से बढ़ाकर आठ घंटे पहले कर दिया है।
चरणबद्ध तरीके से होगा लागू
नए नियम एक से 15 अप्रैल के दौरान चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 52 हफ्ते में 52 सुधारों की कोशिशों के तहत मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर बताया कि यह बदलाव रेलवे में पारदर्शिता बढ़ाने और खाली सीटों का बेहतर उपयोग करने के लिए किया गया है। इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने के ज्यादा मौके मिलेंगे और यात्रा की योजना बनाना आसान होगा।


