कैमूर: बिहार के कैमूर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक नाबालिग बच्ची को सुनहरे भविष्य और नौकरी का झांसा देकर राजस्थान ले जाया गया और महज 2 लाख रुपये में उसका सौदा कर दिया गया। इतना ही नहीं, खरीदने वाले शख्स ने मासूम के साथ जबरन शादी रचाकर उसे बंधक बना लिया।
Highlights:
नौकरी का झांसा देकर जाल में फंसाय
भभुआ एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राजस्थान के सीकर का रहने वाला महेश कुमार एक शातिर गिरोह का हिस्सा है। वह कैमूर के चैनपुर थाना क्षेत्र पहुंचा और एक गरीब परिवार की नाबालिग बेटी को अच्छी नौकरी दिलाने का लालच देकर अपने साथ राजस्थान ले गया। वहाँ पहुँचते ही महेश ने अपनी असलियत दिखाई और चूरू जिले के खरियाबाद निवासी सुभाष भामू से 2 लाख रुपये लेकर बच्ची को उसे बेच दिया। सुभाष ने इसके बाद नाबालिग के साथ जबरदस्ती शादी कर ली और उसे अपने कब्जे में रखा।
कैमूर पुलिस का मिशन रेस्क्यू
बच्ची के परिजनों ने जब पुलिस अधीक्षक (SP) हरिमोहन शुक्ला से न्याय की गुहार लगाई, तो पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया। जिसके बाद एसपी के निर्देश पर चैनपुर थानाध्यक्ष और महिला पुलिसकर्मियों की एक टीम राजस्थान भेजी गई। पुलिस टीम ने छापेमारी कर राजस्थान के चूरू जिला स्थित खरियाबाद बस्ती से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्ची को बंधक बनाकर रखने वाले मुख्य आरोपी सुभाष भामू को गिरफ्तार कर लिया है।
अंतर-राज्य ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह का पर्दाफाश
गिरफ्तार आरोपी सुभाष ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने महेश कुमार को 2 लाख रुपये नकद दिए थे, जिसके बदले में उसे यह लड़की शादी के लिए सौंपी गई थी। पुलिस के अनुसार महेश कुमार नाम का जो व्यक्ति है, वह एक गिरोह के तहत काम करता है। वह इसी मकसद से कैमूर आया था। एक गिरोह के तहत यह लोग ऐसी घटना को अंजाम देते हैं। वहीं भभुआ एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने कहा कि महेश कुमार एक संगठित गिरोह का सदस्य है जो अंतर्राज्यीय मानव तस्करी में शामिल है। यह गिरोह भोली-भाली बच्चियों को निशाना बनाता है। हम गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस अब बरामद किशोरी का मेडिकल परीक्षण करा रही है और न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराया जाएगा। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है।


