न्यूज डेस्क : लोकसभा में मंगलवार को उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने भाषण के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब से जुड़े संदर्भ का जिक्र कर रहे थे। राहुल गांधी के इस बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो देखते ही देखते शोर-शराबे और अव्यवस्था में बदल गई।
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हंगामे के दौरान कुछ सांसदों ने स्पीकर के आसन की ओर फटे हुए कागजों के टुकड़े उछाल दिए। हालात इतने बिगड़ गए कि लोकसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित कर कल सुबह 11 बजे तक के लिए रोकनी पड़ी। यह दृश्य संसद की गरिमा के लिहाज से बेहद असहज माना जा रहा है।
दरअसल, राहुल गांधी जनरल नरवणे की कथित अप्रकाशित किताब से जुड़े एक मैगजीन आर्टिकल का हवाला देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात रखना चाहते थे। हालांकि, स्पीकर ने उन्हें इस विषय पर आगे बोलने से रोक दिया और अन्य सांसदों को बोलने का मौका दिया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने विरोध तेज कर दिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
सांसदों ने उछाले कागज
स्पीकर की ओर कागज फेंकने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस सांसद चमाला किरण रेड्डी, वेंकट रमणन, गुरजीत औजला, मणिकम टैगोर, राजा वडिंग, हिबी ईडन, प्रशांत पडोले और डीन कुरियाकोस को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि निलंबन के बाद भी कुछ सांसदों ने दोबारा स्पीकर के आसन की ओर कागज उछाले।
इस पूरे मामले पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी एक अप्रकाशित किताब के बजाय एक मैगजीन आर्टिकल का हवाला देकर सदन को गुमराह कर रहे हैं और जानबूझकर कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।
लोकसभा में राजनीतिक टकराव
वहीं, जब आसन पर बैठे कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल गांधी को बोलने के लिए आमंत्रित किया, तो राहुल ने इसे चीन और पाकिस्तान से जुड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया। इस पर रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस विषय को इस तरह उठाना उचित नहीं है। कुल मिलाकर, राहुल गांधी के भाषण को लेकर हुआ यह हंगामा संसद की कार्यशैली और राजनीतिक टकराव को एक बार फिर उजागर करता नजर आया।


