रांची : झारखंड में रेलवे के विकास को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आम बजट में राज्य के लिए आवंटित कुल 63,470 करोड़ रुपये में से 7,536 करोड़ रुपये रेलवे परियोजनाओं पर खर्च किए जाएंगे। इस निवेश से न सिर्फ रेल नेटवर्क का विस्तार होगा, बल्कि आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी।
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चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें
रेल मंत्री ने बताया कि फिलहाल झारखंड में चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन हो रहा है और अब राज्य को दो और अमृत भारत ट्रेनें दी जाएंगी। इनमें से एक ट्रेन धनबाद से कोयंबटूर के बीच चलेगी, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी की बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच झारखंड में रेलवे विकास के लिए केवल 457 करोड़ रुपये का आवंटन होता था, जबकि मौजूदा बजट में यह राशि कई गुना बढ़ा दी गई है।
57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास
इधर, रांची स्थित रेल मंडल कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डीआरएम करुणनिधि सिंह ने रेल मंत्री की घोषणाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इन स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर 2,153 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गोविंदपुर रोड (फेज वन), राजमहल, शंकरपुर, साहेबगंज, मधुपुर, गोड्डा, लोहरदगा और पिस्का स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है।
वहीं चक्रधरपुर मंडल में हाथियों की सुरक्षा को लेकर भी अहम पहल की गई है। डीआरएम तरुण हुरिया ने बताया कि हाथियों के आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए मंडल में सात अंडरपास बनाए जाएंगे। इसके अलावा एआई डिटेक्शन सिस्टम से लैस कैमरों के जरिए हाथियों की मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। यह कदम वन्यजीव संरक्षण की दिशा में रेलवे की एक मजबूत पहल माना जा रहा है।


