Wednesday, July 22, 2026

जालंधर में बायो-गैस प्लांट को लेकर किसानों का सोफी पिंड में धरना

जालंधर: जालंधर के जमशेर में लग रहे बायो-गैस प्लांट को लेकर चल रहा विरोध तेज हो गया है। किसान यूनिययन सिद्धूपुर के लोगों ने सोमवार को अमृतसर-दिल्ली हाईवे पर धरना लगाने पहुंचे। धरना देने से पहले ही पुलिस ने उनको रोक दिया। इसके बाद किसानों ने सोफी पिंड में रोड पर धरना लगा दिया। इससे गांव जाने वाले ट्रैफिक बाधित हो गया और जाम लग गया। सरकार और प्रशासन के खिलाफ किसान यूनियन के नेताओं ने नारेबाजी की।

किसानों की आपत्ति

किसानों का कहना है कि प्लांट को आबादी से दूर शिफ्ट किया जाए। साथ ही किसानों, स्थानीय लोगों और नेताओं का कहना है कि यह प्लांट आबादी वाले क्षेत्र के लिए खतरनाक हो सकता है। इसके गेट को लेकर भी किसान यूनियन सिद्धूपुर ने सवाल उठाया है। किसान नेताओं का कहना है कि प्लांट के दो गेट लगाए जा रहे हैं। जिसमें एक गेट मंडी की तरफ बनाया जा रहा है जो बिल्कुल गलत है। इस गेट का काम रुकना चाहिए नहीं तो मंडी ही खत्म हो जाएगी। साथ ही इस गेट का काम रुकना चाहिए नहीं तो मंडी ही खत्म हो जाएगी। इस प्लांट से होने वाले प्रदूषण को लेकर भी किसानों ने आपत्ति जाहिर की है। प्लांट के विरोध में किसान यूनियन सिद्धू ने पहले 1 जनवरी को अमृतसर-दिल्ली हाईवे जाम करने की कॉल दी थी, लेकिन संत रविदास जयंती और पीएम के दौरे के चलते वापस ले लिया था।

स्थानीय लोगों का डर

स्थानीय लोगों का मानना है कि प्लांट से निकलने वाली गैसों और कचरे से गंभीर बीमारियां और वायु प्रदूषण फैल सकता है। यह प्लांट जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स की चारा मंडी वाली जमीन पर बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि इससे चारा रखने की जगह खत्म हो जाएगी और डेयरी व्यवसाय प्रभावित होगा। जमशेर में पहले से ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की वजह से लोग बदबू और गंदगी की समस्या झेल रहे हैं। उन्हें डर है कि नया प्लांट इस समस्या को और बढ़ा देगा। हाल ही में पंजाब के वायोफ्यूल प्लांटों में हुए धमाकों के कारण ग्रामीण डरे हुए हैं। इसके साथ ही लोगों का कहना है कि घनी आबादी में पराली से लोडेड ट्रालियां आएंगी जिससे हादसों का खतरा रहेगा। घनी आबादी के पास ऐसा प्लांट किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

अब तक क्या हुआ

किसान यूनियनों और स्थानीय निवासियों ने सरकार को 23 जनवरी 2026 तक का अल्टीमेटम दिया था कि प्लांट का काम रोक दिया जाए, वरना वे खुद निर्माण कार्य को हटा देंगे। जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह और आदमपुर के विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था। उनका कहना है कि सरकार को इस प्रोजेक्ट को आबादी से दूर किसी अन्य स्थान पर लगाए। जालंधर प्रशासन के अधिकारियों का तर्क है कि यह प्लांट पराली और डेयरी वेस्ट (गोबर) के प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक समाधान है, जिससे प्रदूषण कम होगा। हालांकि, वे प्रदर्शनकारियों को समझाने में अब तक सफल नहीं रहे हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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