देहरादून : मसूरी समेत आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में वर्ष 2026 का पहला जोरदार हिमपात देखने को मिला है। धनोल्टी, काणाताल, बुरांशखंडा, सुरकंडा देवी, नागटिब्बा, त्याड़े भदराज, दुधली भदराज, लाल टिब्बा, चार दुकान, जॉर्ज एवरेस्ट और विंसेंट हिल जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बर्फबारी और बारिश से जहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड भी काफी बढ़ गई है।
Highlights:
मसूरी में हल्की बूंदाबांदी शुरू
शुक्रवार तड़के मसूरी में हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो सुबह करीब साढ़े नौ बजे हिमपात में बदल गई। यह सिलसिला रुक-रुक कर शाम चार बजे तक चलता रहा। हिमपात के चलते मसूरी की माल रोड से लेकर किंक्रेग तक पूरा इलाका बर्फ से ढक गया। माल रोड क्षेत्र में तीन से चार इंच तक बर्फ जमी, जबकि चार दुकान, लाल टिब्बा और जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में चार से छह इंच तक हिमपात रिकॉर्ड किया गया। वहीं धनोल्टी और बुरांशखंडा में छह इंच से अधिक बर्फ जमने की सूचना है।
बर्फबारी के साथ ही तापमान शून्य के आसपास पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटक माल रोड और बाजारों में बर्फ के गोले बनाकर एक-दूसरे पर फेंकते और तस्वीरें खींचते नजर आए। काफी समय बाद अच्छी बर्फबारी की खबर मिलते ही शुक्रवार दोपहर बाद से ही मसूरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी।
पर्यटक भीड़ और यातायात को सुचारु बनाए
मसूरी से सटी यमुना और अगलाड़ घाटियों में हुई अच्छी बारिश से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और हिमपात की संभावना जताई है। वहीं बढ़ती पर्यटक भीड़ और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। कोतवाल देवेंद्र चौहान के अनुसार, देहरादून से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की दिक्कत न हो।


