तिरुवनंतपुरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केरल में उन्हें नई उम्मीद दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यहां लोगों का जोश और उत्साह यह भरोसा दिलाता है कि राज्य में अब बदलाव होकर रहेगा। पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी बातें भले ही यहां के लेफ्टिस्ट इको सिस्टम को पसंद न आएं, लेकिन वे मजबूती से तर्क और तथ्यों के साथ अपनी बात रखेंगे। प्रधानमंत्री ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि 1987 से पहले वहां भारतीय जनता पार्टी एक हाशिए की पार्टी थी। अखबारों में पार्टी के नाम की दो लाइन भी नहीं छपती थीं। लेकिन 1987 में अहमदाबाद नगर निगम में पहली जीत के बाद भाजपा की नींव मजबूत हुई। पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह उस समय अहमदाबाद से शुरुआत हुई थी, उसी तरह अब तिरुवनंतपुरम से केरल में भाजपा की मजबूत नींव पड़ गई है।
प्रधानमंत्री का यह बयान तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव के नतीजों के संदर्भ में आया है। पिछले साल 9 दिसंबर को आए परिणामों में नगर निगम के 101 वार्डों में भाजपा ने 50 वार्डों पर जीत दर्ज की थी। यह केरल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि पिछले करीब 45 वर्षों से नगर निगम पर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का कब्जा रहा था। चुनाव में LDF को 29 और कांग्रेस गठबंधन (UDF) को 19 वार्डों में जीत मिली थी। इन नतीजों के बाद केरल के इतिहास में पहली बार भाजपा का मेयर बना, जिसे पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। तिरुवनंतपुरम को कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गढ़ माना जाता है, ऐसे में यहां भाजपा की जीत को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि केरल के लोगों ने बदलाव के संकेत दे दिए हैं और आने वाले समय में राज्य की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिलेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर विकास, सुशासन और ईमानदार राजनीति का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद केरल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है, वहीं वाम और कांग्रेस खेमे में इस बढ़त को लेकर मंथन शुरू हो गया है।


