विदेश : ईरान में महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर बड़े पैमाने पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात काबू में करने के लिए सरकार ने इंटरनेट-फोन सेवाएं बंद कर दी हैं और सेना को अलर्ट पर रखा गया है। अमेरिकी मानवाधिकार एजेंसियों के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों में 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या की गई और 2,270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। तेहरान में बाजार बंद रहे और छात्रों ने कई यूनिवर्सिटी कैंपस पर कब्जा कर लिया।
गुरुवार की रात प्रदर्शन और उग्र हो गया, जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से घरों के बाहर निकलकर इस्लामिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन की अपील की। इस अपील के बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे और इसी बीच ईरानी सरकार ने सड़कें खाली कराने के लिए सुरक्षाबलों को उतार दिया। बताया जा रहा है कि ईरान में दो हफ्तों से कम से कम 50-100 शहरों में लोग सड़कों पर निकलकर ईरानी शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
पहलवी ने एक बयान में कहा कि ईरान पर दुनिया की नजरें हैं। सड़कों पर उतरें और एक होकर अपनी मांगों को जोर से उठाएं। मैं इस्लामिक रिपब्लिक, उसके नेता और रिवॉल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी देता हूं कि दुनिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आप पर करीब से नजर रख रहे हैं। लोगों पर जुल्म का जवाब जरूर दिया जाएगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि अगर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई तो हम नहीं छोड़ेंगे।


