रांची : झारखंड में सक्रिय गैंगस्टर सुजीत सिन्हा व उसकी पत्नी रिया सिन्हा के खिलाफ दर्ज चार बड़े आपराधिक कांडों को सीआईडी ने टेकओवर कर लिया है। केस टेकओवर किए जाने के बाद सीआईडी थाने में नए सिरे से चार एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। रांची एसएसपी राकेश रंजन ने अंतर्राष्ट्रीय व अंतर्राज्यीय लिंक होने की वजह से सभी केस को सीआईडी को सौंपने की अनुसंशा की थी।
Highlights:
रांची के ओरमांझी, सदर और धुर्वा थाने में दर्ज चार केस से संबंधित प्राथमिक, पर्यवेक्षण टिप्पणी, केस डायरी समेत सारे दस्तावेज शुक्रवार को सीआईडी को सौंप दिए गए हैं। कोयलाचंल शांति सेना बनाकर राज्य के कोल व रियल एस्टेट कारोबारियों, ट्रांसपोर्टर समेत कईयों से वसूली के लिए कॉल किया जा रहा था। पाकिस्तानी से हथियार खरीद व हवाला के जरिए पैसे यूएई भेजने का मामला भी बीते दिनों पुलिसिया जांच में सामने आया था।
पाकिस्तान कनेक्शन से जुड़ा केस भी
22 अक्तूबर को रांची पुलिस ने सुजीत सिन्हा गैंग के बबलू खान, रवि आनंद उर्फ सिंघा, मो शाहीद, सेराज को गिरफ्तार किया था। अपराधियों से पूछताछ में यह बात सामने आयी थी कि पाकिस्तान के हथियार सिंडिकेट के द्वारा पंजाब के रास्ते हथियार भेजा जाता है। यह हथियार प्रिंस खान के जरिए पाठान नाम के व्यक्ति से मंगाए जाते थे। सुजीत सिन्हा व रिया सिन्हा का गैंग रवि आनंद उर्फ सिंघा के जरिए कारोबारियों, ट्रांसपोर्टर व व्यवसायियों का नंबर जुटाता था। इसके बाद रंगदारी की मांग गिरोह के द्वारा की जाती थी। हथियार की डील में भी रवि आनंद की भूमिका थी। इस केस में सीआईडी ने कुल 16 लोगों को नामजद आरोपी बनाया था।
गैंगस्टर को धमकाने के लिए फायरिंग
17 अक्तूबर को जेल में बंद गैंगस्टर आकाश राय उर्फ मोनू को धमकाने के लिए सुजीत सिन्हा के गैंग कोयलांचल शांति सेना ने फायरिंग की थी। इस घटना को अंजाम देने में जितेश कुमार उर्फ पीटर, संतोष मिश्रा, मयंक कुमार, राजू महतो शामिल थे। जांच के क्रम में पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया था। कांड में सभी ने स्वीकार किया था कि रवि आनंद उर्फ सिंघा , प्रिंस मिश्रा, सुमित वर्मा उर्फ गोली समेत अन्य अपराधी भी इस वारदात में शामिल थे।
ठेकेदार संजीव जायसवाल के ठिकानों पर फायरिंग
ओरमांझी में जमीन कारोबारी संजीव जायसवाल की साइट पर फायरिंग के केस को भी सीआईडी ने टेकओवर किया है। 22 नवंबर 2024 को डुह स्थित प्लाट पर ब्लू रंग के अपाची मोटरसाईकिल में आए अपराधियों ने फायरिंग की थी। गोली जावेद अंसारी, आजाद अंसारी को लगी थी। जांच में यह बात सामने आयी थी कि संजीव जायसवाल ने सुजीत सिन्हा की मदद से रियल एस्टेट में जमीन कब्जाने का काम किया था। लेकिन बाद में उसने पैसे देने बंद कर दिए थे, तब सुजीत सिन्हा, रिया सिन्हा ने साजिश रची थी। केस में उषा गुप्ता, आयुष राज, अमित सिन्हा, रिक्की खान, विक्की वर्मा, रकी अंसारी को भी आरोपी बनाया गया था।
तुपदाना में मुठभेड़ का केस भी सीआईडी को
तुपुदाना इलाके में सुजीत सिन्हा के कोयलांचल शांति सेना से जुड़े सोनू पासवान को गिरफ्तार किया था। सोनू की निशानदेही पर पुलिस की टीम अपराधियों को दबोचने बालसिरंग इलाके में पहुंची थी। बालसीरिंग पहाड़ के पास पुलिस की टीम पहुंची तो अपराधियों ने फायरिंग कर दिया। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में आफताब आलल को दाहिने जांघ में गोली लगी थी, जबकि मो तौफिक नाम का अपराधी भी पकड़ा गया था। दोनों के पास से हथियार की बरामदगी भी हुई थी।


