झारखंड : पलामू जिले के तरहसी प्रखंड के तिरौंधा गांव में भू – माफिया द्वारा मृत व्यक्ति से भी फर्जीवाड़ा कर जमीन लिखवा लेने का मामला प्रकाश में आया हैं। हालांकि मामला सामने आने के बाद अपर समाहर्ता पलामू ने जमाबंदी को स्थगित कर दिया है। जमाबंदी को स्थगित होने के बाद भू – माफिया बौखला गए हैं। भू – माफिया द्वारा जमीन मालिक को लगातार परेशान किया जा रहा है और उन्हें हत्या की साजिश रची जा रही है। धान के फसल को काटने नहीं दिया जा रहा है। भू – माफिया खुलेआम अपर समाहर्ता पलामू के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। जमीन मालिक ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत डीआईजी, उपायुक्त, एसपी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, तरहसी थाना को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया है।
आवेदन में उन्होंने लिखा है कि तरहसी प्रखंड के तिरौंधा गांव में खाता नंबर 26 रकबा 4 एकड़ 52 डिसमिल बैद्यनाथ शुक्ला ग्राम कमलकेड़िया थाना लेस्लीगंज के खतियानी जमीन है। जिसे तरहसी के टिरवा गांव निवासी शांति देवी पति स्वर्गीय विद्या पांडेय ने वर्ष 1999 में बैद्यनाथ शुक्ला के मौसी समुद्री देवी के नाम से बिक्री केवाला करवा लिया है। चौंकाने वाली बात है कि समुद्री देवी की मृत्यु 1985 में ही हो गया था, ऐसे में समुद्री देवी मरने के बाद 14 साल बाद केवाला कैसे कर सकती हैं। केवाला कराने वाले भ्रष्टाचार के दम पर उपरोक्त केवाला का दाखिल खारिज भी अपने नाम से करवा लिया। इसकी भनक जब बैद्यनाथ शुक्ला को लगा तो उन्होंने ने पलामू अपर समाहर्ता के न्यायालय में विविधवाद संख्या 36/2014/15 दायर किया।
जिसे अपर समाहर्ता पलामू द्वारा दिनांक 19.11.2022 को यह आदेश जारी किया गया कि उपरोक्त सभी केवाला फर्जी तथा अवैध है। अपर समाहर्ता पलामू के द्वारा तरहसी अंचलाधिकारी को तत्काल प्रभाव से जमाबंदी को स्थगित करने का आदेश दिया गया। जिसे तरहसी अंचलाधिकारी द्वारा दिनांक 15.07.2025 को उपरोक्त सभी जमाबंदी को स्थगित कर दी गई। वर्तमान में उपरोक्त जमीन पर गांव के ही बाटेदार द्वारा धान के फसल लगाए गए हैं। धान के फसल लेने जब बैद्यनाथ शुक्ला खेत पर जा रहे हैं, तब नवल पांडेय पिता स्वर्गीय विद्या पांडेय ग्राम टिरवा तरहसी द्वारा बैद्यनाथ शुक्ला के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए बाटेदार को डरा – धमका कर धान लूटने का प्रयास कर रहे हैं। बैद्यनाथ शुक्ला का आरोप है कि आरोपी भू – माफिया नवल पांडेय उन्हें जान मारने की धमकी दे रहे हैं। नवल पांडेय उन्हें कभी भी हत्या करवा सकता है। अधिकारियों को दिए आवेदन में बैद्यनाथ शुक्ला ने कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वे कार्यालय के समक्ष आत्महत्या कर लेंगे।
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