डेस्क: आज सोमवार, 14 सितंबर को बिहार के मिथिलांचल इलाके में चौठचंद्र का पर्व मनाया जाएगा। आज चौठचंद्र के दिन मणिकांचन योग का संयोग होने कि वजह से इसका महत्व कई गुण बढ़ गया है। आज इस अद्भुत संयोग में अगर कुछ खास उपाय कर लिए जाएं, तो आपके संतान को चंद्र ग्रह दोष दूर हो जाता है। आपके संतान को मन की शांति, स्वभाव स्वभाव सौम्य और भाग्य में वृद्धि होती है।
Highlights:
मिथिला की लोकपरंपरा में इस पर्व पर विशेष रूप से मनाया जाता है। चौठचंद्र के दिन ‘मणिकांचन’ योग का दुर्लभ संयोग बनने के कारण इस बार की पूजा कई वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी और कल्याणकारी बताई जा रही है।
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चंद्र ग्रह दूर करने के उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसर, चौठचंद्र पर चांदी का बना एक आधा चांद या दो मोती से बना अर्ध चांद बनाकर चौठचंद्र पूजा के समय उसका पूजन करना चाहिए। उसके बाद अर्ध चांद को लाल धागे में पिरोकर बच्चे को पहनाना चाहिए। ऐसा करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते है। लेकिन अगर आपकी कुंडली में 6 ग्रह मिलकर भी कोई बड़ा संकट पैदा कर रहे हों, तो उसे अकेले चंद्रमा की मजबूत स्तिथि से भी शांत किया जा सकता है।
घर के आंगन पर करें पूजा
चौठचंद्र के दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जल उपवास रखते है। और शाम के समय चंद्रदेव का पूरे विधी-विधान से पूजा करती है। घर के आंगन में चावल का पेस्ट और सिंदूर से पारंपरिक ज्यामितीय चित्रकारी किया जाता है। माना जाता है, कि इसे शुभ अवसरों या पूजा पाठ के दौरान देवी-देवताओं के स्वागत और सबकी मंगल कामना के लिए घर की जमीन पर बनाया जाता है। इस पर चंद्र देव को तरह-तरह के पकवान और फल का भोग लगाया जाता है। चंद्रोदय होने पर परिवार के सदस्य चंद्र देव को अर्घ्य देते हैं. मान्यता है इस दिन निष्ठापूर्वक चंद्र देव को अर्घ्य देने से परिवार वालों को जीवन में समृद्ध और खुशहाली मिलती है।


