पटना : चर्चित बंटी यादव हत्याकांड में ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एक दारोगा सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने निलंबन की यह कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी निलंबित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मी को निर्देश जारी किया है कि वे तीन दिनों के भीतर इस पूरे मामले पर अपना लिखित सफाई दर्ज कराएं।
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इन 4 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
जिन चार पुलिसकर्मियों पर विभागीय गाज गिरी है, उनमें एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, एएसआई अवधेश कुमार, एएसआई वीर बहादुर सिंह के अलावा होमगार्ड जवान सुदर्शन प्रसाद शामिल है. आरोप है कि 6 जुलाई की रात जब बंटी यादव का अपहरण किया जा रहा था, तब ये सभी पदाधिकारी घटनास्थल से महज 100 मीटर के दायरे में ही मौजूद थे। ये सभी गश्ती दल और डायल-112 की ड्यूटी पर तैनात थे। इतनी नजदीकी के बावजूद इन्हें वारदात की भनक तक नहीं लगी, जिसे ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही माना गया है।
परिजनों से मिले पप्पू यादव
बंटी यादव हत्याकांड मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव मंगलवार को बंटी यादव के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘जिस तरह से मेरे बच्चे को 4 दिन तड़पाकर मारा है। तेजाब से जलाया, उससे खौफनाक मौत आरोपियों की होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि 10 दिन से पुलिस की नींद नहीं टूटी। पप्पू यादव के आने से पहले सस्पेंड की कार्रवाई हुई, छापेमारी हुई। थानेदार ने तो पहले ही बोल दिया होगा कि रेड होगी। इसलिए कोई नहीं मिला।’ ये पप्पू यादव ने बंटी के घर पर कही, जब वे बंटी के परिवार से मिलने के लिए पहुंचे।
मंत्री राम कृपाल यादव भी पहुंचे घर
इससे पहले मंगलवार को ही मंत्री राम कृपाल यादव भी बंटी के घर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बंटी यादव की हत्या दुःखद है। गरीब परिवार का लड़का था। उसी पर परिवार निर्भर था। परिवार के लोग शिकायत करने जाते हैं जक्कनपुर थाने में वहां कहां जाता है कोतवाली का केस है। जीरो एफआईआर करना चाहिए था। सरकार ने एहसास किया कि पुलिस ने दायित्व नहीं निभाई। नियम के अनुसार जो भी परिवार के लिए सहायता होगी, सरकार की तरफ से दिलाने की कोशिश करूंगा।
तेजस्वी ने सम्राट सरकार को घेरा
इस घटना को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा. सोशल मीडिया के जरिए मामले में अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा, “किराना दुकानदार बंटी कुमार का 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास से अपहरण किया गया। CCTV फुटेज में सब साफ साफ दिख रहा है लेकिन अपराधियों को दिशा-निर्देश देने वाली पुलिस ने उसे ढूंढने की बजाय परिजनों को ही डांटा। राजद के दबाव में पुलिस ने पटना ग्रामीण के अथमलगोला थाना क्षेत्र से उनका क्षत-विक्षत शव लाकर परिजनों को सूचना दी। स्पष्ट है कि पुलिस सब कुछ जान रही थी।”
तेजस्वी ने आगे कहा, “ बेगुनाहों का झूठा एनकाउंटर करवाने वाले बड़बोले मुख्यमंत्री शराब माफियाओं, सेक्स रैकेट चलाने वालों और बदमाशों के गैंग से डरते क्यों है? सत्ता शीर्ष में बैठे लोगों की इन देह व्यापारियों से क्या सांठ-गांठ है जो उन्हें बचाने में सारी ऊर्जा लगाए हुए है?”
5 दिन बाद मिला शव
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बंटी यादव को 6 जुलाई को पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर के पास से अगवा किया गया था। इस घटना के पांच दिन बाद यानी 11 जुलाई को पुलिस ने बंटी का क्षत विक्षत शव पटना जंक्शन से करीब 60 किलोमीटर दूर अथमलगोला थाना क्षेत्र के सूर्यपूरा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एक गड्ढे से बरामद किया गया।
बंटी यादव का चेहरा बुरी तरह से कूच दिया था, जिससे आंख और नाक की पहचान करना भी नामुमकिन हो गया था। पूरे शरीर पर चोट के काले निशान थे और बॉडी गलनी शुरू हो चुकी थी। बंटी यादव के शव की पहचान परिजनों ने हाथ में बंधे कलवा, कड़ा और पैर में लगी राड के आधार पर की थी। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए।
मामले में मुख्य आरोपी फ़रार
6 जुलाई को अगवा करने के बाद बंटी यादव के परिजनों ने 7 जुलाई को रवीश, रोहित, एक किन्नर सहित सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में रितेश, रवीश के भाई बजरंगी और ऑटो ड्राइवर रोहित को गिरफ्तार किया है। इस मामले का मुख्य आरोपी रवीश है और वह अभी भी फरार है।
देह व्यापार का विरोध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बंटी यादव ने मोहल्ले में चल रहे कथित देह व्यापार का विरोध किया था और इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। कई महीनों से बंटी यादव कथित देह व्यापार का विरोध कर रहे थे और इसको लेकर शिकायत कर रहे थे। इसके बाद से ही वह इस रैकेट में शामिल अपराधियों के निशाने पर थे। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार यही हत्या का कारण भी माना जा रहा है।


