मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया, जब बरेली-पिपरिया स्टेट हाइवे पर ग्राम नयागांव के पास स्थित लगभग 50 साल पुराना पुल अचानक ढह गया। पुल गिरने के चलते दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोग और नीचे काम कर रहे मजदूर सीधे तलहटी में जा गिरे। हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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कैसे हुआ हादसा
सोमवार को पुल पर सेगमेंट लगाने का कार्य चल रहा था, इसी दौरान अचानक संरचना भरभराकर गिर गई। पुल पर से गुजर रहे बाइक सवारों के साथ-साथ नीचे काम कर रहे मजदूर भी इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। गंभीर रूप से घायल युवक को भोपाल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे।

MPRDC पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इस दुर्घटना के लिए Madhya Pradesh Road Development Corporation (MPRDC) को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पुल की स्थिति काफी समय से खराब थी, लेकिन इसकी संरचनात्मक मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया। केवल ऊपर की सतह को ठीक करने या अस्थायी सपोर्ट देकर काम चलाने की नीति अपनाई गई, जिसका नतीजा यह गंभीर हादसा बनकर सामने आया। इसके अलावा गांववालों ने बताया कि पुल पर दरारें पहले से दिख रही थीं, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब इस घटना के बाद फिर से राज्य में पुराने पुलों और सड़कों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़ित मजदूर और आम लोग
हादसे में घायल हुए अधिकतर लोग मजदूर हैं, जो पुल के नीचे काम कर रहे थे। इसके अलावा पुल से गुजरते समय गिरे बाइक सवार भी गंभीर रूप से घायल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि अगर पुल के संबंध में समय पर सुरक्षा कदम उठाए जाते, तो यह घटना टल सकती थी।
पुराने पुलों की स्थिति पर फिर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब प्रदेश में किसी पुराने पुल के गिरने की घटना सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से बढ़ते यातायात और निर्माण गतिविधियों के बीच पुराने पुलों की संरचनात्मक जांच अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। समय-समय पर निरीक्षण और मजबूतीकरण कार्य न होने से ऐसी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
रायसेन का नयागांव पुल हादसा एक बार फिर यह संदेश देता है कि सड़क और पुल निर्माण में सिर्फ सतही मरम्मत पर्याप्त नहीं है। 50 साल पुराने पुल को समय रहते पुनर्निर्माण की जरूरत थी, जिसका अनुमान और कार्रवाई नहीं हो सकी। हादसे में घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार व जिम्मेदार एजेंसियां इस घटना से सबक लेंगी और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होने देंगी।


