Friday, June 19, 2026

19 जून को “विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस”, भारत में 20 लाख से ज्यादा सिकल सेल मरीज

रांची : हर साल 19 जून को “विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस” मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2008 में इस दिन की शुरुआत की थी। इसका मकसद सिकल सेल रोग के बारे में लोगों को जागरूक करना और मरीजों को बेहतर इलाज देना है। भारत में ये बीमारी खासकर आदिवासी इलाकों में बहुत आम है।

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सिकल सेल रोग क्या है?

सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक खून की बीमारी है। सामान्य RBC गोल और लचीली होती है, लेकिन सिकल सेल में RBC हंसिया यानी दरांती के आकार की सख्त हो जाती है। इस वजह से खून की नली में रुकावट आती है। ऑक्सीजन पूरे शरीर तक नहीं पहुंचती। मरीज को तेज दर्द, थकान, पीलिया और बार-बार इंफेक्शन होता है। ये बीमारी माता-पिता से बच्चों में आती है। अगर माता-पिता दोनों में सिकल सेल ट्रेट है तो बच्चे को बीमारी होने का खतरा 25% होता है।

भारत में स्थिति

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में 20 लाख से ज्यादा सिकल सेल मरीज हैं। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, झारखंड और बिहार के आदिवासी जिलों में ये सबसे ज्यादा है। इन राज्यों के कुछ जिलों में 10-40% आबादी सिकल सेल ट्रेट कैरियर है। गरीबी और जानकारी की कमी के कारण बहुत से मरीज बिना इलाज के दम तोड़ देते हैं।

लक्षण और जटिलताएं

दर्द संकट: हाथ-पैर, पेट, छाती में असहनीय दर्द।
एनीमिया: थकान, कमजोरी, सांस फूलना।
बार-बार इंफेक्शन: बच्चों में निमोनिया का खतरा 400 गुना ज्यादा।
स्ट्रोक: बच्चों में लकवा मार सकता है।
अंग खराब: किडनी, फेफड़े, तिल्ली खराब हो जाती है।

सरकार की पहल 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2023 में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन को शुरू किया। लक्ष्य 2047 तक भारत से सिकल सेल खत्म करना है। इसके लिए 0-40 साल के 7 करोड़ लोगों की जांच एक बूंद खून से पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्ट होता है। जेनेटिक काउंसलिंग के तहत कैरियर को कार्ड दिया जाता है और सलाह दी जाती है कि दो कैरियर शादी न करें. इलाज के तहत हाइड्रॉक्सीयूरिया दवा मुफ्त मिलती है। गंभीर केस में बोन मैरो ट्रांसप्लांट होता है. सिकल सेल सेंटर हर जिला अस्पताल में डे-केयर सेंटर जहां ब्लड ट्रांसफ्यूजन होता है।

19 जून को क्या होता है?

PHC/CHC पर कैंप: मुफ्त स्क्रीनिंग, हीमोग्लोबिन जांच, दवा वितरण।
RKSK के तहत: AFHC में किशोरों को बताया जाता है कि शादी से पहले सिकल सेल टेस्ट जरूरी है।
जागरूकता रैली: आशा, ANM गांव-गांव जाकर लाल कार्ड वाले मरीज खोजती हैं।
खून दान शिविर: सिकल सेल मरीजों को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है, इसलिए ब्लड डोनेशन जरूरी।

हम क्या कर सकते हैं?

जांच कराएं: खासकर आदिवासी क्षेत्र के युवा शादी से पहले सिकल सेल टेस्ट जरूर कराएं।
भेदभाव न करें: ये छूने से नहीं फैलता। मरीज को पढ़ाई, नौकरी से न रोकें।
पानी पिएं: मरीज को दिन में 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए, दर्द कम होता है।
टीकाकरण: निमोनिया, हेपेटाइटिस के टीके जरूर लगवाएं।

जांच, जागरूकता और सही इलाज

सिकल सेल एक दर्दनाक लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। जांच, जागरूकता और सही इलाज से इसे हराया जा सकता है। 19 जून हमें याद दिलाता है कि “ज्ञान ही बचाव है”। अगर हर परिवार समय पर टेस्ट करा ले तो आने वाली पीढ़ी को हम सिकल सेल मुक्त भारत दे सकते हैं। नारा: Test Today for Sickle Cell Free Tomorrow – आज जांच कराओ, कल सिकल सेल मुक्त बनाओ।

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