रांची: JPSC परीक्षाओं में फर्जीवाड़े और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मामले में CID को उस अज्ञात व्यक्ति की तलाश है, जिसके बारे में अब तक की जांच में पता चला है कि उसके कॉल डिटेल्स में सबसे ज्यादा बातचीत पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते व निलंबित उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता से होने के सबूत मिले हैं। इसके अलावा यह भी पता चला है कि वह परीक्षा संचालित करने वाली विवादित एजेंसी TDPL के अधिकारियों व कर्मियों, JPSC के आला अफसरों और अभ्यर्थियों के लगातार संपर्क में था. इसमें कई आरोपी अभी जेल में बंद हैं.
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मिली जानकारी के अनुसार अब तक की जांच में CID ने उस कथित व्यक्ति की पहचान सोनू कुमार के रूप में हुई है और उसके पास से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं. उसके पास से CID ने दो मोबाइल फोन, एक HP कंपनी का CPU बरामद किया है. सोनू कुमार JPSC में उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता के सहायक और संयुक्त सचिव सरोजिनी आनी तिर्की के P.A. के रूप में तैनात था.
इस पद के कारण परीक्षा से संबंधित गोपनीय फाइलों और प्रक्रियाओं तक उसकी सीधी पहुंच थी. JPSC सचिव के P.A. अरुण कुमार के दर्ज बयान के अनुसार, सोनू कुमार इस पूरी अनियमितता और साजिश का सक्रिय हिस्सा था. जब CID ने JPSC कार्यालय में अपनी प्रारंभिक जांच शुरू की, तब सोनू कुमार मुख्य आरोपियों श्वेता कुमारी गुप्ता, मो. उस्मान और रामबीर सिंह के साथ JPSC कार्यालय में ही मौजूद था.


