Monday, October 5, 2026

14th JPSC : जेल में बंद TDPL निदेशक रामवीर सिंह ने 36 अभ्यर्थियों से लिए थे पैसे, OMR में खाली गोलों को भी भरने का आरोप

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुए बहुचर्चित OMR शीट में फर्जीवाड़े और अंक बढ़ाने के मामले में TDPL के निदेशक राम बीर सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. CID की SIT ने रामवीर सिंह के खिलाफ कोर्ट में कड़े सबूत पेश किये हैं. CID की अब तक की जांच के दौरान आरोपियों और गवाहों से पूछताछ में दर्ज किए गए बयानों के मुताबिक राम बीर सिंह ने खुद स्वीकार किया कि वह OMR शीट में खाली छूटे गोलों को भरवाकर अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाने तथा मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को बदलने के तंत्र में सीधे तौर पर शामिल था.

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TDPL  के OMR स्कैनर संजय कुमार  और सह आरोपी प्रदीप सिंह के बयानों से भी यह साबित हुआ कि राम बीर सिंह खुद OMR शीट को स्कैनिंग के लिए ले जाता था जिसके बाद खाली गोलों को भरकर वापस बंडलों में सील कर दिया जाता था. कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह खुलासा हुआ है कि राम बीर सिंह 14वीं JPSC पीटी परीक्षा में शामिल कम से कम 36 अभ्यर्थियों के साथ सीधे और नियमित संपर्क में था.

CID के मुताबिक राम बीर सिंह के निर्देश पर उसकी सहयोगी कंपनी के जरिए JPSC की तत्कालीन उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और उनके परिवार के लिए रांची से दिल्ली व बैंगलोर की कई हवाई यात्राओं के टिकट बुक कराए गए थे. सीडीआर से भी दोनों के बीच नियमित बातचीत की पुष्टि हुई है.

TDPL के HDFC बैंक खाते जिसमें राम बीर सिंह अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता था के फोरेंसिक ऑडिट से पता चला कि परीक्षा धांधली से अर्जित अवैध धन का एक बड़ा हिस्सा राम बीर सिंह की पत्नी मीनू सिंह और अन्य पारिवारिक खातों में ट्रांसफर किया गया था. रक्षक सिंह ने SIT को दिए अपने बयान में कबूला है कि राम बीर सिंह और सत्यपाल सिंह के निर्देश पर वह JPSC FRO (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर) परीक्षा में शामिल हुआ था.

राम बीर सिंह ने उसे सख्त निर्देश दिया था कि वह केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर दे जो उसे आते हों और बाकी OMR शीट पूरी तरह खाली छोड़ दे. रक्षक सिंह ने पूरी OMR शीट में केवल 31 प्रश्नों के उत्तर भरे थे और बाकी पूरा पेपर खाली छोड़ दिया था. रक्षक सिंह ने परीक्षा के बाद अपनी 31 प्रश्नों वाली OMR शीट की कार्बन कॉपी राम बीर सिंह को दे दी. महज 31 प्रश्नों के उत्तर देने के बावजूद राम बीर सिंह के सिंडिकेट ने उसकी खाली OMR शीट में उत्तर भरकर उसे FRO PT परीक्षा में क्वालीफाई करवा दिया.

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एयर नाऊ स्पेशल

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