झारखंड : रिम्स में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी अचानक मेडिसिन ओपीडी पहुंच गए. मंत्री बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे आउटडोर विभाग में पहुंचे, वहां मरीजों की लंबी लाइन देखकर उन्होंने तुरंत खुद ही मरीजों को बुलाना शुरू किया और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं. करीब आधे घंटे तक मंत्री ने डॉक्टर की तरह मरीजों की जांच की, बीमारियों के बारे में पूछा और दवाएं लिखकर देने लगे.
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फॉर्मेसी में नहीं थी दवा
इसी दौरान एक मरीज ने बताया कि मंत्री द्वारा लिखी गई एक महत्वपूर्ण दवा अस्पताल की फार्मेसी में उपलब्ध नहीं है. मंत्री ने तुरंत इसकी पुष्टि करने के लिए अपने स्टाफ को भेजा. कुछ ही मिनटों में जानकारी मिली कि जो दवा उन्होंने लिखी है, वह अस्पताल के स्टॉक में कई दिनों से नहीं है. यह सुनते ही मंत्री का मिजाज बिगड़ गया। मौके पर मौजूद रिम्स डायरेक्टर डॉ. राजकुमार और अधीक्षक डॉ. हिरेंद्र विरुआ को उन्होंने कड़े शब्दों में फटकार लगाई.
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फार्मेसी में रोजाना दवाओं की उपलब्धता की हो जांच
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ये सब क्या चल रहा है. मरीजों को दवा नहीं मिलेगी तो वे कहां जाएंगे. हमारी सरकार की छवि खराब हो रही है. आपकी जिम्मेदारी है कि जरूरत की सभी दवाएं स्टॉक में रहें. मरीजों को परेशानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फार्मेसी में रोजाना दवाओं की उपलब्धता की जांच की जाए और किसी भी दवा के स्टॉक खत्म होते ही तुरंत खरीद प्रक्रिया शुरू हो. मंत्री ने ओपीडी परिसर, प्रतीक्षालय और दवा काउंटरों का निरीक्षण भी किया. उन्होंने कहा कि रिम्स जैसे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है.


