बता दें कि सुनवाई के दौरान कोर्ट में सीआईडी ने यह दलील पेश की कि श्वेता गुप्ता ने अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के जरिए जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का आंसर की शेयर किया था, हालांकि श्वेता गुप्ता की ओर से अधिवक्ता ने आरोपों का बचाव करते हुए कहा कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है. श्वेता गुप्ता के विरुद्ध CID की तरफ से करीब 1000 पन्नों की केस डायरी कोर्ट में प्रस्तुत की गई है, जिसमें आरोपियों के विरुद्ध कई साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किये गए हैं. CID ने JPSC परीक्षा में अनियमितता को लेकर कांड संख्या 16/2026 दर्ज की है और अब तक इस मामले में पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते समेत 24 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
JPSC परीक्षा धांधली मामले में जेल में बंद निलंबित उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका ख़ारिज
रांची: झारखंड में 14वीं JPSC परीक्षा धांधली मामले में जेल में बंद जेपीएससी की निलंबित उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को कोर्ट से झटका लगा है. रांची स्थित CID की विशेष कोर्ट ने श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले इस मामले में हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। बता दें कि 21 जुलाई को सीआईडी ने जेपीएससी में छापेमारी करने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, बाद में औपचारिक रूप से 22 जुलाई को उन्हें गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.


