हेल्थ डेस्क: “Periods में सिर मत धोना, ठंड लग जाएगी,” ये लाइन लगभग हर घर में सुनने को मिल जाती है। भारत में पीरियड्स को लेकर ये एक बहुत पुरानी मान्यता है। लेकिन क्या सच में Periods के दौरान बाल धोना मना है? आइए जानते हैं।
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ठंड लगने का डर – सबसे बड़ा कारण
पहले के जमाने में घरों में गीजर या गर्म पानी की सुविधा नहीं थी। ठंडे पानी से सिर धोने पर शरीर का तापमान अचानक गिर जाता था। पीरियड्स के दौरान शरीर पहले से ही कमजोर और संवेदनशील होता है। ऐसे में ठंड लगने, बुखार या जुकाम होने का रिस्क ज्यादा माना जाता था। इसलिए बुजुर्ग सिर धोने से मना करते थे।
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आराम और सफाई पर फोकस
पुराने समय में पीरियड्स के दौरान महिलाओं को आराम करने की सलाह दी जाती थी। भारी काम, ज्यादा पानी में भीगना या घंटों बाल सुखाना मना था। मकसद था शरीर को थकान से बचाना। धीरे-धीरे यही बात ‘बाल मत धोओ’ बन गई।
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इंफेक्शन का डर
कुछ लोगों का मानना है कि पीरियड्स में सर्विक्स थोड़ा खुला होता है, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। अगर गीले बालों से सिर भीगता है और शरीर ठंडा हो जाता है, तो यूरिन या सर्वाइकल इंफेक्शन हो सकता है। हालांकि इसका कोई ठोस मेडिकल सबूत नहीं है।
तो क्या साइंस क्या कहती है? एक्सपर्ट की राय
गायनेकोलॉजिस्ट के मुताबिक, पीरियड्स में बाल धोना पूरी तरह सेफ है।
मिथ: पीरियड्स में बाल धोने से ब्लड फ्लो रुक जाता है या बांझपन हो जाता है।
सच्चाई: इसका विज्ञान से कोई लेना-देना नहीं है। गर्म या गुनगुने पानी से सिर धोने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और क्रैम्प्स में भी राहत मिलती है।
पीरियड्स में बाल धोते समय रखें ये बातें ध्यान में:
- गुनगुना पानी इस्तेमाल करें: ठंडे पानी की जगह हल्के गुनहुने पानी से सिर धोएं।
- तुरंत सुखाएं: बाल धोने के बाद उन्हें अच्छे से तौलिए से सुखा लें और हेयर ड्रायर का इस्तेमाल कर सकते हैं। गीले बाल लेकर न बैठें।
- माइल्ड शैंपू लें: हार्श केमिकल वाले शैंपू से बचें।
निष्कर्ष: पीरियड्स में बाल न धोना एक पुरानी सावधानी थी, जो ठंड और असुविधा से बचाने के लिए बनी थी। आज के समय में, अगर आप गर्म पानी से बाल धोकर उन्हें तुरंत सुखा लें, तो इसमें कोई हर्ज नहीं है। बल्कि साफ-सफाई रखना हाइजीन के लिए जरूरी है।
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