न्यूज डेस्क: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को अब बड़े अंतरराज्यीय रैकेट के सक्रिय होने की आशंका है। शुरुआती जांच में इस मामले के तार राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तराखंड तक जुड़े होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक लीक हुई प्रश्नपत्रिका की पहली डिजिटल कॉपी महाराष्ट्र के नासिक में सामने आने की जानकारी मिली है।
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SOG ने तीन लोगों को लिया हिरासत में
राजस्थान पुलिस विशेष अभियान समूह (SOG) ने मंगलवार को इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया। इनकी पहचान मनीष यादव, राकेश मंडावरिया और नासिक से शुभम खैरनार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मनीष यादव को जयपुर से हिरासत में लिया गया है और उसे इस पूरे पेपर लीक कांड का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच में दावा किया गया है कि उसने परीक्षा से पहले ही संभावित सवालों की जानकारी हासिल कर ली थी।
गेस पेपर के सवाल असली परीक्षा से मिले
जांच एजेंसियों के अनुसार परीक्षा से पहले कुछ छात्रों को गेस पेपर के नाम पर प्रश्न दिए गए थे। बाद में इनमें से 100 से अधिक सवाल असली NEET परीक्षा से मेल खाते पाए गए। इसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे।
नासिक से शेयर हुई थी डिजिटल कॉपी!
जांच में यह भी सामने आया है कि लीक प्रश्नपत्र की डिजिटल कॉपी सबसे पहले नासिक में शेयर की गई थी। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया चैनलों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि पेपर लीक नेटवर्क तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर कई राज्यों में सक्रिय था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस पूरे रैकेट में कुछ कोचिंग नेटवर्क, दलाल और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के एक PG छात्र के जरिए प्रश्नपत्र बाहर निकाला गया, जिसके बाद इसे अलग-अलग राज्यों में फैलाया गया। फिलहाल कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और मुख्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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परीक्षा से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक की खबरों को अफवाह बताते हुए परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बताया था। लेकिन बड़ी संख्या में सवाल मैच होने के बाद अब एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


