चाईबासा : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चाईबासा सदर अस्पताल में बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने की घटना को लापरवाही नहीं बल्कि राज्य संपोषित हत्या का प्रयास बताया है. बाबूलाल मरांडी ने इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित जिन 5 मासूम बच्चों को “संक्रमित खून” चढ़ाया गया, अगर इन बच्चों की भविष्य में मृत्य हो जाती है तो, यह सिर्फ़ लापरवाही नहीं, बल्कि राज्य प्रायोजित हत्या कहलायेगी.
Highlights:
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, यह सवाल सिर्फ़ डॉक्टरों या तकनीशियनों पर नहीं है बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र की विफलता और आपकी सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है. ऐसे में डॉक्टरों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है. झारखंड को उसके सबसे अयोग्य और निष्क्रिय स्वास्थ्य मंत्री से मुक्त कीजिए और एक जिम्मेदार, संवेदनशील मंत्री दीजिए. बच्चों की ज़िंदगी के साथ हुआ यह खिलवाड़ माफ़ी से नहीं, जवाबदेही से सुधरेगा.
कई संदेशों से परिपूर्ण मन की बात
उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 127वें संस्करण को प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित झारखंड के लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर सुना. बाबूलाल मरांडी ने रांची बड़ा तालाब के छठ घाट पर कार्यक्रम को सुना जबकि कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने घाटशिला में कार्यक्रम को सुना. इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का मन की बात कार्यक्रम में संबोधन केवल संबोधन नहीं बल्कि देश की 140 करोड़ जनता के लिए मंत्र है. यह प्रत्येक नागरिक को भारत और भारतीयता से जोड़ता है.
प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का मन की बात कार्यक्रम एक गैर राजनीतिक संबोधन है जिसमें भारत की संस्कृति ,प्रकृति और राष्ट्रभक्ति और प्रगति की बातें समाहित रहती हैं. आज का संबोधन भी जानकारियों से परिपूर्ण और जनता को प्रेरित करने वाला था. यह संबोधन देश और दुनियां में हो रहे बदलाव ,भारत की सांस्कृतिक विरासत,युवा वर्ग के द्वारा हो रहे नए नए खोज से जनता को परिचित कराता है.
आगे उन्होंने कहा कि आज के एपिसोड में सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती, भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती जिसे जनजाति गौरव दिवस घोषित किया गया है, उसकी चर्चा देश की नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों से जोड़ती है. राष्ट्रगीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष आजादी के आंदोलन में उसका योगदान देश की युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संचार करेगा.


