रांची: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ ने राज्य पुलिस की स्पेशल ब्रांच (विशेष शाखा) में नियुक्त दारोगाओं को सामान्य जिला पुलिस कैडर में शामिल करने की मांग से जुड़ी 174 याचिकाओं पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल एक ही प्रतियोगी परीक्षा आयोजित होने मात्र से स्पेशल ब्रांच और जिला पुलिस का कैडर एक नहीं माना जा सकता.
इसे भी पढ़ें : रांची पुलिस ने दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा को लेकर कसी कमर, एसएसपी ने सड़क पर उतर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि न्यायिक आदेश के जरिए स्पेशल ब्रांच के पदों को सामान्य कैडर के पदों में तब्दील करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता. हालांकि हाईकोर्ट ने यह भी माना कि भर्ती विज्ञापन में इन पदों के क्लोज्ड कैडर होने की स्पष्ट जानकारी नहीं देना विभागीय चूक थी.
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी 174 याचिकाओं का निष्पादन कर दिया है. इस के साथ ही याचिकाकर्ताओं को यह छूट दी गई है कि वे अपनी मांग को लेकर गृह विभाग के सक्षम प्राधिकार के समक्ष एक विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं. इस फैसले से स्पेशल ब्रांच में कार्यरत दारोगाओं को अपनी सेवा संबंधी विसंगतियों को प्रशासनिक स्तर पर उठाने का एक नया विकल्प मिल गया है.

