रांची : शनिवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान सदन में एक बार फिर से राज्य के तीन विश्वविद्यालयों में बाहरी कुलपतियों की नियुक्तियों का मामला उठा. सदन में दोपहर बाद शून्य काल के दौरान विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने यह मामला उठाते हुए कहा कि दो दिन पहले उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब की मांग की थी लेकिन अब तक सदन में सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला कि आखिर किस परिस्थिति में राज्य में बाहरी लोगों को कुलपति के रूप में नियुक्त किया जा रहा है और क्या सरकार की इसमें सहमति है.
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गैस संकट पर बोले प्रदीप यादव
पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने इसके साथ ही सदन में आगे झारखंड में एलपीजी गैस संकट का मामला भी फिर से उठाते हुए कहा कि क्या राज्य सरकार की ओर से इस दिशा में कोई पहल की जा रही है या नहीं, क्योंकि राज्य में लगातार घरेलू गैस का मामला गंभीर होता जा रहा है, लोग गैस को लेकर लगातार परेशान हैं और इसके समाधान के लिए कोई सशक्त पहल दिखाई नहीं दे रही है. ऐसे में सरकार इस विषय पर क्या पहल कर रही है, उससे न सिर्फ सदन को बल्कि राज्य की जनता को भी उपलब्ध कराना चाहिए.
16 मार्च को सदन में सरकार का जवाब
प्रदीप यादव के सवाल पर सदन में मौजूद संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य में घरेलू गैस के संकट व कमी से सरकार अवगत और चिंतित है, साथ ही बाहरी कुलपतियों के नियुक्ति का मुद्दा भी सरकार के संज्ञान में है, विधायक के दोनों ही सवाल पर सरकार जवाब देना चाहती है और इसे लेकर सदन में राज्य सरकार का पक्ष 16 मार्च को कार्यवाही के दौरान रखा जाएगा.


