Thursday, July 23, 2026

विजय का शव लौटने का इंतजार, परिजन लगा रहे हैं सरकार से गुआर

गिरिडीह: गिरिडीह जिले के डुमरी क्षेत्र के मधगोपालाली पंचायत के दूधपनिया गांव के रहने वाले श्रमिक विजय कुमार महतो की मौत गोली लगने से हो गई। मौत सऊदी अरब में हुई है, और मौत के लगभग 25 दिन के बाद अभी तक तो न शव वतन वापस आया है और न ही मुआवजा की घोषणा हो सकी है।

ऐसे में उनके परिवार खासे परेशान हैं, उनकी पत्नी बसंती देवी, उनकी मां सावित्री देवी, के साथ पिता सूर्य नारायण महतो भी अंतर से टूट चुके हैं। उनके दो पुत्र हैं- ऋषि  और रोशन  दोनों पुत्र कभी भी अपने पिता का इंतजार कर रहे हैं।  वहीं उनके परिवार और घरवाले सऊदी से विजय के पार्थिव शरीर को अपने देश लाने की मांग कर रहे हैं।  साथ ही वो लोग ये भी कह रहें हैं कि- उन्हें मुआवजा भी जल्द से जल्द मिलना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्त्ता की मांग

प्रवासी मजदूर के हित को लेकर काम करने वाले सिकंदर अली भी परिजनों से मिले हैं. उनका कहना है कि जब भी किसी श्रमिक की मौत विदेश में होती है तो शव लाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. मुआवजा मिलने में परेशानी होती है. महीनों तक शव विदेश में ही पड़ा रहता है. विजय के मामले पर राज्य और केंद्र सरकार को विशेष पहल करनी चाहिए ताकि शव आ सके और मुआवजा मिल सके.

क्या है मामला

बता दें कि विजय सऊदी में हुंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे. 15 अक्टूबर की शाम को विजय ने एक वॉइस मैसेज अपनी पत्नी को भेजा था, जिसमें कहा था कि कि उन्हें गोली लगी है. यह भी मैसेज में था अपराधी-पुलिस के बीच मुठभेड़ चल रहा था और उसी में गोली लगी. बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जहां 24 अक्टूबर उन्होंने दम तोड़ दिया. इसके बाद से परिजनों का हाल बुरा बना हुआ है.

विजय की मौत के बाद से झारखंड सरकार की टीम लगातार सऊदी में स्थित दूतावास से संपर्क में है. वहां से अपडेट लगातार आ रहा है. पूरे मामले की जांच सऊदी पुलिस कर रही है. चूंकि वहां के लोक अभियोजक इस मामले को देख रहे हैं और मृतक के परिवार वालों से पावर ऑफ अटॉर्नी या एनओसी मांगा गया है. चूंकि परिजनों को मुआवजा भी दिलवाना है और शव को भी लाना है. ऐसे में सारी प्रक्रिया को पूरा करने में टीम जुटी हुई है

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