रांची : हजारीबाग वन भूमि घोटाला, शराब घोटाला और आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को सोमवार को उस समय राहत मिली, जब रांची स्थित विशेष एसीबी कोर्ट में विनय चौबे की ओर से डिफॉल्ट बेल से संबंधित दायर याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. विनय चौबे की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि हिरासत में रखने की एक निश्चित अवधि होती है, और चार्जशीट में देरी आरोपी को जमानत का हकदार बनाती है. एसीबी कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें डिफॉल्ट बेल दे दी है.
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शराब घोटाला में मिल चुका बेल
बता दें कि पूर्व में चर्चित शराब घोटाला केस में भी विनय चौबे के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण उन्हें डिफॉल्ट बेल मिल गई थी. इस संबंध में एसीबी ने कांड संख्या 20/2025 दर्ज की है. विनय चौबे पर पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में शराब नीति लागू करने के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) इस मामले की जांच कर रही है. पिछले कुछ समय से जांच एजेंसियां उनकी संपत्तियों और उनसे जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही हैं. BNS की धारा 187(3) के प्रावधानों के तहत यदि जांच एजेंसी निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाती है, तो आरोपी को डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल जाता है.


