नई दिल्ली : पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने दावा किया है कि उनके पति सोनम वांगचुक का अनशन अभी भी जारी है, उन्होंने किसी भी तरह के शुगर का सेवन नहीं किया है. गीतांजलि ने बताया कि वांगचुक केवल वही नमक वाला पानी ले रहे हैं, जो वह पहले से पीते आ रहे थे. इससे पहले सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने कहा था कि बिना सहमति के उनके मुँह या नसों के ज़रिए कुछ भी नहीं दिया जाए.
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गीतांजलि ने एक्स पर लिखा, ”मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूँ, जहाँ सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है. कृपया उन्हें मुँह के ज़रिए या नसों के माध्यम से कोई भी दवा या तरल पदार्थ तब तक न दिया जाए, जब तक मुझसे, उनके परिवार से और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत पर नज़र रख रहे डॉक्टरों से सहमति न ले ली जाए.”
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अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश नहीं
मीडिया से बातचीत में गीतांजलि ने कहा, “हाई कोर्ट के आदेश में कहीं भी सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश नहीं दिया गया था. आदेश में सिर्फ व्यक्ति की सेहत को प्राथमिकता देने और नियमित निगरानी किए जाने की बात कही गई थी. जो कुछ हुआ, वह हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार नहीं है.”
इलाज नहीं सिर्फ़ निगरानी और जांच
उन्होंने आगे कहा, “अभी कोई इलाज नहीं चल रहा है. सिर्फ़ निगरानी और जांच की जा रही है. हम बाहर की लैब से भी जांच करवाने जा रहे हैं, क्योंकि मांगी गई रिपोर्ट हमें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं.” उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की दवा देने से पहले वह रिपोर्ट की जांच किसी दूसरी लैब से करवाना चाहते हैं.
पोटाशियम का लेवल कम
गीतांजलि ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, ”हमें बताया जा रहा है कि सोनम के शरीर में पोटैशियम का लेवल कम हो गया है और उनकी जान को ख़तरा है. कल पोटैशियम 4.3 था, जो अब 2.9 हो गया है. यहां के डॉक्टर्स का कहना है इससे उनकी जान को ख़तरा हो सकता है.”
मार्च का करूंगी नेतृत्व
गीतांजलि ने कहा, “अगर सोनम मार्च में शामिल नहीं हो पाएंगे, तो मैं उनकी जगह मार्च का नेतृत्व करूंगी. यह मार्च सोमवार को पहले से तय योजना के मुताबिक़ होगा. सिर्फ़ इसलिए कि सोनम को ज़बरदस्ती यहां लाया गया है, इसका मतलब यह नहीं कि मार्च को रोका जा सकता है.” इससे पहले सीजेपी ने भी कहा था, ”20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा.”


