Tuesday, July 21, 2026

राजस्थान में रेतीले तूफान की चपेट में कई जिले, लोगों में दिखा डर और अफरातफरी

न्यूज डेस्क: राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में शनिवार को अचानक आए रेतीले तूफान ने लोगों को हैरान कर दिया। चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर और सीकर जिलों में दोपहर के समय तेज आंधी और धूलभरी हवाओं के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से उठे तूफान का असर राजस्थान के बॉर्डर वाले इलाकों में देखने को मिला। इन जिलों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली। तेज हवाओं के साथ भारी मात्रा में धूल उड़ने लगी, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। हालात ऐसे हो गए कि लोगों को दिन में ही वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी।

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लोगों में दिखा डर और अफरा-तफरी

सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में लोग तेज तूफान से बचने के लिए भागकर घरों में जाते दिखाई दिए। कई लोगों ने अपने घरों और दुकानों के दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतना तेज रेतीला तूफान नहीं देखा। श्रीगंगानगर में सुबह करीब 11 बजे तेज आंधी शुरू हुई। देखते ही देखते पूरे शहर में धूल का गुबार छा गया। कई जगहों पर रेत का बवंडर जैसा दृश्य दिखाई दिया। ऐसा ही नजारा बीकानेर और चूरू में भी देखने को मिला, जहां तेज हवाओं ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया।

सीकर के कई इलाकों में भी असर

सीकर जिले के फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में भी धूलभरी आंधी का असर दिखाई दिया। आसमान में धूल का घना गुबार छा गया, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर रुककर मौसम सामान्य होने का इंतजार किया। एक ओर जहां सीमावर्ती इलाकों में रेतीला तूफान देखने को मिला, वहीं उदयपुर समेत राजस्थान के कई जिलों में शनिवार सुबह बारिश हुई। मौसम में अचानक बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने तेज आंधी और धूलभरे तूफान को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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