Sunday, June 14, 2026

राघव चड्ढा समेत 7 आप सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को राज्यसभा सभापति की मंजूरी

नई दिल्ली : पिछले दिनों आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी से अलग होकर बीजेपी में शामिल होने को राज्यसभा सभापति की मंजूरी मिल गई है. इसके साथ ही राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या 106 से बढ़ कर 113 हो गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या 10 से घट कर केवल तीन रह गई है.

राज्यसभा सचिवालय ने इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ‘राज्यसभा के अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन जी ने आम आदमी पार्टी के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को स्वीकार कर लिया है. अब राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी भाजपा संसदीय दल के सदस्य हैं.’

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आप ने की थी बर्खास्त करने की अपील

इधर आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से उन सभी 7 राज्यसभा सांसदों को बर्खास्त करने की अपील की थी, जो पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. आप नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बीते रविवार को मीडिया से बातचीत कर इसकी मांग की थी.

आप नेता ने कहा, ‘यह सब क्यों जरूरी है? क्योंकि आप एक पार्टी से चुने जाते हैं और फिर प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के जरिए आपको उस पार्टी से अलग कर दिया जाता है और भारतीय जनता पार्टी, जो इसमें माहिर मानी जाती है, आपको उसमें मिला लेती है। यह लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है, पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात है, और देश के संविधान के साथ भी विश्वासघात है, उसे कमजोर करने का प्रयास है.’

शुक्रवार को छोड़ी थी पार्टी

बता दें कि आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए. दिल्ली से राज्यसभा सदस्य मालीवाल को छोड़कर बाकी सभी पंजाब से हैं. राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक मूल्यों से भटक गई है.

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