रांची : झारखंड में बीते 23 फ़रवरी को 48 नगर निकायों में हुए चुनाव की मतगणना की तैयारी पूरी हो गई है. मतगणना को लेकर सभी जिलों में अलग अलग नगर निकायों में मतगणना के लिए कुल 1309 टेबल लगाये गये हैं. सबसे अधिक टेबल राजधानी रांची में लगाए गए हैं, जहां इसकी संख्या 225 है तो वहीं सबसे कम सरायकेला नगर पंचायत में हैं, जहां मतगणना के लिए केवल 7 टेबल लगाए गए हैं. बात यदि राउंड की करें तो रांची में चुनाव परिणाम 5 राउंड की गणना के बाद सामने आएगा तो वहीं खूंटी, बुंडू, बासुकीनाथ, महागामा, पाकुड़, गोड्डा में केवल एक राउंड की ही गिनती होगी और चुनाव परिणाम उसके आधार पर सामने आ जाएगा.
राज्य चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार सबसे पहले सफेद पेपर यानी पार्षद वाले मतपत्रों की गिनती की जायेगी. इसके बाद गुलाबी मतपत्रों यानी मेयर या अध्यक्ष पद के लिए डाले गए वोटों की गिनती होगी. ऐसे में माना जा सकता है कि पहले वार्ड पार्षदों के चुनाव परिणाम सामने आएंगे और उसके बाद ही मेयर या अध्यक्ष का रिजल्ट सामने आएगा.
बात यदि अलग अलग नगर निकायों की करें तो सबसे अधिक समय धनबाद नगर निगम में मतगणना 117 टेबलों पर कुल नौ round में पूरी होगी. इसी तरह साहेबगंज में 10 टेबल पर होने वाली मतगणना 7 राउंड में पूरी होगी इसी तरह चास और मेदिनीनगर में 6, गिरिडीह, देवघर, आदित्यपुर, मधुपुर और रांची में 5 राउंड में काउंटिंग पूरी होगी. 4 राउंड में मानगो, झुमरीतिलैया, फुसरो, कपाली में चुनाव परिणाम सामने आएंगे. सात नगर निकायों में तीन राउंड में और 21 नगर निकायों में 2 राउंड में मतों की गिनती के बाद चुनाव का रिजल्ट सामने आएगा.
मतगणना की प्रक्रिया आज ही पूरी होने की उम्मीद है, लेकिन निकाय के आकार, वार्डों की संख्या और राउंड्स के आधार पर कुछ जगहों पर शाम तक या अगले दिन भी परिणाम घोषित होने की संभावना जताई जा रही है. प्रत्येक राउंड की गिनती के बाद आंशिक परिणामों की घोषणा की जाएगी, और अंतिम रिजल्ट प्रमाणित होने के बाद जारी किया जाएगा।झारखंड नगर निकाय चुनाव इस बार इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय से लंबित थी। कुछ नगर निकायों में तीन साल से तो कुछ निकायों में 6 साल से चुनाव लंबित थे और झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर चुनाव हुए है.
आपको बता दें कि 23 फ़रवरी को 9 मेयर, 19 नगर परिषद और 20 नगर पंचायत अध्यक्ष के पद के लिए कुल 562 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं तो वहीं 1042 वार्ड पार्षद सदस्य के लिए कुल 5562 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. राज्य चुनाव आयोग के अनुसार वार्ड पार्षद के लिए कुल 1087 सीट हैं, जिसमें से 41 वार्ड पार्षदों का निर्वाचन निर्विरोध हो चुका है तो वहीं तीन वार्डो में उम्मीदवार नहीं होने के कारण वहां चुनाव नहीं हो रहे हैं और एक वार्ड में उम्मीदवार के निधन होने के कारण चुनाव स्थगित हो चुका है. इस चुनाव में 62 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने वोट किया था.
राज्य में पहली बार गैल दलीय हुए इस चुनाव में मतदान के दिन अलग अलग जिलों में हिंसा की खबरें भी आई तो वहीं कई जगहों पर मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में नहीं होने की शिकायत भी करते नजर आए और निराश होकर मतदान से वंचित रहे.झारखंड के 48 नगर निकायों के चुनाव परिणाम राज्य की भविष्य की राजनीति और शहरी विकास की दिशा तय करेंगे. मतगणना के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता के पुख्ता इंतजाम किए हैं
बात यदि अब चुनाव में जीत के दावों की करें तो सत्ताधारी जेएमएम और कांग्रेस तथा मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत का दावा किया। जेएमएम के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “चुनाव के नतीजे हमारे लिए उत्साहवर्धक होंगे, जबकि भाजपा के लिए यह एक सबक होगा। वही दूसरी तरफ झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य प्रशासन पर कई स्थानों पर फर्जी मतदान में मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “शहरी स्थानीय निकायों के मतदाताओं ने राज्य सरकार की साजिश के खिलाफ मतदान किया।


