रांची : झारखंड में पेसा कानून 2 जनवरी से औपचारिक रूप से लागू हो गया है। पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में औपचारिक रूप से अधिसूचना जारी कर दी है। पंचायती राज विभाग के सचिव के हस्ताक्षर से अधिसूचित हुआ पेसा कानून कुल 17 अध्यायों में 28 पन्नों में हैं, जिसके अंतर्गत ग्राम सभा की बैठकें, पंचायतों की सीमाओं का निर्धारण, लघु वन उपजों समेत पंचायतों के लिए तय किए गए अन्य अधिकारों को वर्णित किया गया है।
पेसा कानून को पढ़ने के सिए यहां क्लिक करें : Notification No. 40 dt. 02.01.2026-PESA Niyamawali 2025
वर्षों से लंबित इस प्रक्रिया के अब पूरी होने से राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को वैधानिक अधिकार मिलेंगे और स्थानीय निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व जन केंद्रित बनेगी। इसके अलावा पेसा कानून से अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को उनके पारंपरिक अधिकारों के अनुरूप स्वशासन भी मिल सकेगा।
इस कानून के तहत शासन व्यवस्था के केंद्र में अब ग्राम सभाएं होंगी और स्थानीय संसाधनों, विकास योजनाओं तथा सामाजिक-आर्थिक मामलों में समुदाय की निर्णायक भूमिका भी सुनिश्चित हो सकेगी। बता दें कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में इसकी नियमावली का लागू होना लंबे समय से मांग रही है।
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