Monday, April 20, 2026

प बंगाल में विचाराधीन मतदाताओं की अपील मंजूर होने पर ही कर पाएंगें मतदान : सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं की अपील ट्रिब्यूनल में मंजूर हो चुकी है, उनके नाम शामिल करते हुए सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की अपील 21 अप्रैल (पहले चरण) या 27 अप्रैल (दूसरे चरण) तक मंजूर हो जाएगी, वे ही मतदान कर सकेंगे। वहीं जिनकी अपील अभी लंबित है, उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं दिया जाएगा।

सूची में तुरंत संशोधन के निर्देश

अदालत ने कहा कि जैसे ही ट्रिब्यूनल किसी मतदाता का नाम जोड़ने का आदेश देगा, संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) तुरंत वोटर लिस्ट में संशोधन करें, ताकि किसी पात्र मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो। यह आदेश उस समय आया है जब कोर्ट SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। इस प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जिसे लेकर विवाद जारी है। बेंच, जिसमें जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची शामिल थे, ने कहा कि ट्रिब्यूनल पर अनावश्यक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए, लेकिन एक मजबूत और प्रभावी अपील प्रणाली जरूरी है ताकि असली मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रह सकें।

Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-

लंबित मामलों पर जताई चिंता

सुनवाई के दौरान बताया गया कि करीब 34 लाख से अधिक अपीलें 19 ट्रिब्यूनल के सामने लंबित हैं। ये ट्रिब्यूनल रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों की अध्यक्षता में बनाए गए हैं, जिससे मामले के त्वरित निपटारे की उम्मीद की जा रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर बड़ी संख्या में मतदाता सूची से बाहर रह जाते हैं और चुनाव में जीत का अंतर कम होता है, तो परिणामों पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करना जरूरी है।

यह भी पढ़ें: दिल्ली एयरपोर्ट पर दो विमानों की हल्की टक्कर, बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित

ECI और राज्य सरकार को सहयोग के निर्देश

अदालत ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे ट्रिब्यूनल को पूरा सहयोग दें, ताकि अपीलों का समय पर निपटारा हो सके। पश्चिम बंगाल में SIR अभियान को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। जहां सत्ताधारी दल ने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया है, वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए जरूरी है।

Air Now के यूट्यूब चैनल को देखने के लिए यहां क्लिक करें:-

एयर नाउ स्पेशल

कोर्ट ने ठहराया दोषी, फिर भी कुर्सी बरकरार! रघुनंदन...

रांची: झारखंड में विकास की गाड़ी जिन कंधों पर टिकी है, उनमें से एक कंधा कानूनी रूप से 'दागी' निकल चुका है। दक्षिणी छोटानागपुर...
- Advertisement -spot_img
App Logo

Download Our App

Download Now ➥

ट्रेंडिंग खबर