Tuesday, July 21, 2026

झारखंड में धान खरीद लक्ष्य से पीछे, 8 दिन में 20 लाख क्विंटल खरीद बड़ी चुनौती

रांची: झारखंड में इस वित्तीय वर्ष धान खरीद को लेकर सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक काफी कम खरीद हो पाई है और शेष दिनों में लक्ष्य पूरा करना मुश्किल नजर आ रहा है।

लक्ष्य के मुकाबले धीमी खरीदारी

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य तय किया था। हालांकि अब तक केवल 39 लाख 31 हजार 202 क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी है। यानी अभी भी 20 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद बाकी है। 31 मार्च तक वित्तीय वर्ष समाप्त होने में केवल 8 दिन बचे हैं। ऐसे में इतने कम समय में 20 लाख क्विंटल धान खरीदना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

कई जिलों में बेहद धीमी प्रगति

राज्य के छह जिलों में धान खरीद का आंकड़ा एक लाख क्विंटल तक भी नहीं पहुंच पाया है। इनमें पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, साहेबगंज, पाकुड़, लोहरदगा और खूंटी शामिल हैं। इन जिलों में खरीद की धीमी रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है। राज्य में धान खरीद की प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 से शुरू की गई थी। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत धान खरीदा जा रहा है, लेकिन अपेक्षित गति नहीं मिल पाई है।

किसानों को किया गया भुगतान

अब तक किसानों को धान खरीद के बदले 632.64 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसमें 20.20 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी शामिल है, जिससे किसानों को राहत देने की कोशिश की गई है। इस वर्ष धान खरीद की दर 2450 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है, जो पिछले साल 2400 रुपये प्रति क्विंटल थी। सरकार ने किसानों को बेहतर कीमत देने का प्रयास किया है।

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801 क्रय केंद्रों पर जारी खरीद

राज्यभर में धान खरीद के लिए 801 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों से धान खरीदा जा रहा है। इसके बावजूद लक्ष्य के अनुरूप खरीद नहीं हो पाई है। धान खरीद की धीमी रफ्तार को देखते हुए सरकार के सामने लक्ष्य पूरा करना बड़ी चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में खरीद प्रक्रिया को तेज करना जरूरी होगा, ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके और लक्ष्य हासिल किया जा सके।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

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