Tuesday, July 21, 2026

संसद के मानसून सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक का विपक्ष ने किया बहिष्कार, टीएमसी के बागी सांसदों पर भड़के

नई दिल्ली : 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र से पहले रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का विपक्षी पार्टियों ने बहिष्कार कर दिया है. बताया जा रहा है कि विपक्षी पार्टियां टीएमसी के बागी सांसदों को NCPI पार्टी के सांसद के रूप में मान्यता दिए जाने से नाराज थे. इसके बाद विपक्षी पार्टियों के सांसद बैठक छोड़ बाहर निकल आए. यह बैठक संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित होने वाली थी. विपक्ष द्वारा मीटिंग का बहिष्कार करने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया है.

इसे भी पढ़ें : 72वीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की घोषणा, कार्तिक आर्यन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और यामी गौतम सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुनी गई

विपक्षी दलों के नेताओं के अनुसार इस बैठक में भाग लेने के लिए प्रमुख विपक्षी दलों के नेता संसद पहुंचे थे. लेकिन जैसे ही बैठक की कार्यवाही शुरू हुई, सरकार और विपक्ष के बीच कुछ जरूरी मुद्दों को लेकर गंभीर मतभेद सामने आ गए. इन मतभेदों के चलते बातचीत आगे बढ़ने से पहले ही विपक्षी नेताओं ने एक साथ बैठक से बाहर निकलने का सामूहिक फैसला ले लिया. इस फैसले से कल से होने वाला संसद के मानसून सत्र के सफल संचालन को लेकर आशंका बढ़ने लगी है.

बैठक में बागी टीएमसी सांसद आमंत्रित

इससे पहले शनिवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाग़ी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को पत्र लिखकर उन्हें नेशनल सिटिज़ंस पार्टी ऑफ़ इंडिया (एनसीपीआई) के प्रतिनिधि के तौर पर सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है.

पत्र में रिजिजू ने लिखा है, “लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक दलों के फ्लोर नेताओं की बैठक में आपको आमंत्रित करते हुए मुझे खुशी हो रही है. इस बैठक में संसद के आगामी मॉनसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों और संभावित विधायी कार्यों पर चर्चा की जाएगी.” रिजिजू ने लिखा, “मैं दोनों सदनों के सुचारु संचालन के लिए आपके सहयोग की अपेक्षा करता हूं”

स्पीकर का फ़ैसला

इससे पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) के छह बाग़ी सांसदों को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की मंजूरी दे दी. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, लोकसभा में शिंदे गुट की शिवसेना की संख्या बढ़कर 13 हो गई है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई है.

बता दें कि बीते महीने शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह सांसदों ने पाला बदलकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया था. इन छह सांसदों में संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख और नागेश आष्टीकर शामिल हैं.

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर