पटना: बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार बिधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह इस्तीफा संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दिया गया है, क्योंकि वे अब राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार विधान परिषद लेकर पहुंचे और इसे सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंप दिया गया। विजय चौधरी ने बताया कि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह प्रक्रिया अनिवार्य थी, इसलिए उन्होंने आज अपना त्याग पत्र दे दिया।
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सीएम हाउस में हलचल
इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री आवास पर सुबह से ही राजनीतिक हलचल तेज रही। इस दौरान राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी मौजूद रहे। वहीं वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव भी सीएम से मुलाकात कर लौट गए। इसी बीच बिहार की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बीजेपी नेता नितिन नबीन ने अपने इस्तीफे को लेकर चल रहे सस्पेंस को खत्म कर दिया है। उन्होंने रविवार को ही अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंप दिया था, जिसे अब औपचारिक रूप से जमा किया जाएगा।
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विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा
नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि वे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उनके इस फैसले से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक हलचल के बीच नितिन नवीन का एक भावुक पोस्ट भी चर्चा में है। उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए लिखा कि भले ही मां अब साथ नहीं हैं, लेकिन उनका एहसास आज भी जीवंत है।
उन्होंने बताया कि मंत्री बनने के कुछ ही दिनों बाद उनकी मां का निधन हो गया था, जिससे उनके जीवन में एक खालीपन हमेशा बना रहता है। नीतीश कुमार के इस्तीफे और नितिन नवीन के फैसले ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में इन घटनाओं का राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


