दिल्ली : नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने Associated Journals Limited (AJL) के कथित अवैध अधिग्रहण को लेकर एक नई FIR दर्ज की है। इस FIR में गांधी परिवार के अलावा कुल आठ लोग और तीन कंपनियां भी आरोपी बनाए गए हैं। FIR में मुख्य आरोप है कि कांग्रेस से जुड़े AJL को Young Indian नाम की कंपनी के माध्यम से धोखाधड़ी कर अपने नियंत्रण में लिया गया। शिकायत में कहा गया है कि AJL के पास लगभग ₹2,000 करोड़ की संपत्तियां थीं, जिन्हें सिर्फ ₹50 लाख रुपये में Young Indian को ट्रांसफर किया गया, जिसमें गांधी परिवार की हिस्सेदारी 76% बताई जाती है।
Highlights:
FIR में क्या हैं आरोप?
शिकायत के अनुसार, AJL एक पुरानी कंपनी थी, जो कभी नेशनल हेराल्ड अखबार प्रकाशित करती थी। समय के साथ कंपनी आर्थिक संकट में चली गई, लेकिन उसके पास देशभर में कई कीमती संपत्तियां बची हुई थीं। इन्हीं संपत्तियों को हासिल करने के लिए Young Indian कंपनी बनाई गई। FIR में आरोप है कि Young Indian ने 2010 में AJL का पूरा नियंत्रण मात्र ₹50 लाख में ले लिया, जबकि कंपनी की संपत्तियां कई हजार करोड़ की थीं। ED की जांच के बाद यह मामला फिर से सक्रिय हुआ और अब दिल्ली पुलिस ने भी इस मामले में आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। FIR में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, मोतीलाल वोरा (तत्कालीन निदेशक), ऑस्कर फर्नांडीज (पूर्व निदेशक) और अन्य कुछ अधिकारी और संबंधित कंपनियां जैसे Young Indian और Dotex Merchandise Pvt Ltd। आरोप में यह भी कहा गया है कि इस प्रक्रिया में शेयरधारकों की मंजूरी नहीं ली गई और फंडों का गलत इस्तेमाल किया गया।
ED की जांच
यह FIR 3 अक्टूबर 2025 को Enforcement Directorate (ED) की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। ED ने 2008 से 2024 तक की अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंपी थी। इसी रिपोर्ट में कई वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन का उल्लेख था। जांच के दौरान ED ने AJL की ₹661 करोड़ की अचल संपत्तियों को कब्जे में लेने की कार्रवाई की। ₹90.2 करोड़ के शेयर कुर्क किए। हेराल्ड हाउस, मुंबई की कई मंजिलों का किराया भी ED के खाते में जमा करने का निर्देश दिया। ED का कहना है कि यह पूरा लेन-देन PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के नियमों के खिलाफ है और इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिलते हैं।
कोर्ट में क्या हो रहा है?
यह मामला पहले से ही दिल्ली की Rouse Avenue Court में चल रहा है। ED की चार्जशीट पर कोर्ट को यह तय करना था कि वह इस पर संज्ञान ले या नहीं। लेकिन कोर्ट का फैसला तीन बार टल चुका है। पहली बार 29 जुलाई, दूसरी बार 8 अगस्त और तीसरी बार 29 नवंबर को। अब अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होनी है। यदि कोर्ट ED की चार्जशीट पर संज्ञान ले लेता है, तो सोनिया गांधी, राहुल गांधी और बाकी नेताओं के खिलाफ औपचारिक ट्रायल शुरू हो सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह केस?
नेशनल हेराल्ड केस 2012 में सुर्खियों में आया था, जब BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं ने 2,000 करोड़ की संपत्तियों वाली कंपनी को केवल 50 लाख में अपने नियंत्रण में लिया। इस मामले के कारण 2022 में सोनिया और राहुल गांधी से ED ने घंटों पूछताछ भी की थी। नई FIR दर्ज होने के बाद नेशनल हेराल्ड केस एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में पुलिस की पूछताछ, ED की आगे की कार्रवाई और 16 दिसंबर की कोर्ट सुनवाई इस केस की दिशा तय कर सकती है।


