रांची : झारखंड के वीर सपूतों और ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय पटल पर सम्मान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने आज संसद के ‘शून्य काल’ के दौरान लोहरदगा रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर “शहीद पाण्डेय गणपत राय रेलवे स्टेशन” करने की पुरजोर मांग रखी।
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सदन में गूंजी झारखंड के गौरव की आवाज
सांसद दीपक प्रकाश ने सदन को अवगत कराया कि लोहरदगा की माटी ने देश को पाण्डेय गणपत राय जैसा महान सेनानी दिया है, जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में ‘मुक्ति वाहिनी’ के सेनापति के रूप में अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थीं। उन्होंने कहा कि लोहरदगा के भौंरो गाँव में जन्मे इस वीर ने 21 अप्रैल 1858 को मातृभूमि के लिए हंसते-हंसते फांसी स्वीकार की। विदेशी दासता के आगे न झुकने वाला उनका यह बलिदान आज भी झारखंड के जन-जन के लिए प्रेरणा का पुंज है।
‘Unsung Heroes’ को पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता
सदन के माध्यम से रेल मंत्रालय का ध्यान आकृष्ट करते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि इतिहास के पन्नों में सीमित रह गए ऐसे ‘Unsung Heroes’ को मुख्यधारा में पहचान दिलाना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “लोहरदगा रेलवे स्टेशन का नामकरण शहीद पाण्डेय गणपत राय के नाम पर करना न केवल उस महान आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भीतर राष्ट्रभक्ति और गौरव का संचार करेगा।”
सांसद ने रेल मंत्री से इस विषय पर सकारात्मक और त्वरित निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक नाम बदलने की मांग नहीं है बल्कि यह झारखंड की वीर प्रसूता धरती के सम्मान और करोड़ों लोगों की जनभावनाओं से जुड़ा विषय है।


