Thursday, May 28, 2026

यौन उत्पीड़न मामले में डीएवी कपिलदेव के पूर्व प्राचार्य एमके सिन्हा को सुनाई गई 3 साल की सजा, 10 हजार जुर्माना

रांची : सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार नंबर-2 की अदालत ने शुक्रवार को डीएवी कपिलदेव स्कूल के पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा को चार साल पुराने स्कूल के ही एक महिला स्टॉफ नर्स के यौन उत्पीड़न मामले में तीन साल की सजा और दस हजार जुर्माना लगाया है. यह मामला मई 2022 का है और इस संबंध में पीड़िता की ओर से राजधानी के अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

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पीड़िता स्टॉफ नर्स की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल एमके सिंहा बीपी चेक कराने के बहाने उन्हें अपने कमरे में बुलाते थे और अश्लील हरकत करते हुए शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे. इस संबंध में मामला दर्ज होने के बाद प्रिंसिपल एमके सिन्हा फरार हो गए थे, हालांकि चार दिनों के बाद रांची पुलिस ने उन्हें टाटा नगरी जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

हालांकि आरोपी प्रिंसिपल को मामले के छह महीने बाद ही यानी 21 नवंबर 2022 को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. हालांकि पीड़िता की ओर से याचिका दाखिल किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने 20 जून 2025 को जमानत रद्द कर दी थी. इससे पहले इस मामले में 18 जनवरी 2025 को आरोप गठित किया गया था।

झारखंड हाईकोर्ट की ओर से जमानत रद्द किए जाने के खिलाफ पूर्व प्रिंसिपल एमके सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और उन्हें एक सप्ताह के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया था. इसके बाद से वह जेल में बंद हैं और अब उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई है।

एयर नाउ स्पेशल

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